
जबलपुर. शहर के सिनेमाघरों और माल्स में केसरी फिल्म का पहला शो सिख समाज के लोगों के नाम रहा। देश के हित में जान गंवाने वाले सिखों को अरदास कर नमन किया। गुरुवार को सिख समाज के लोग समाज के धर्मगुरुओं को लेकर केसरी फिल्म देखने पहुंचे। यह फिल्म सत्य घटना पर आधारित है। फिल्म में सिख सैनिक अपनी जान की परवाह किए बगैर पठानों से लोहा लेते हैं और वतन की रक्षा में जान न्योछावर कर देते हैं, लेकिन जीवित रहते पठानों को अपनी धरती पर कदम नहीं रखने देते। साथ ही फिल्म में एक महिला को पठानों के जुर्म से बचाने उनके इलाके में चला जाता है और पठानों को भागने पर विवश कर देता है। इसके कुछ दिन बाद दस हजार पठानों को 21 सिख सैनिकों की टुकड़ी ने देश की सीमा में घुसने से रोकने का जो जज्बा दिखाया था। फिल्म से हमें यही संदेश मिलता है कि देशहित ही सर्वोपरि है।