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बारिश का इंतजार, खाली पडे हैं खेत

सिहोरा-मझौली तहसील में जून में तीन इंच बारिश, जुलाई का पहला सप्ताह भी रहा सूखा
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जबलपुर

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Praveen Kumar Chaturvedi

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Updated: 11 Jul 2018, 7:00 AM IST

बारिश का इंतजार, खाली पडे हैं खेत

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सिहोरा/मझौली। सिहोरा और मझौली तहसील में जृून माह और जुलाई में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान रोपा नहीं लगा पा रहे हैं। इससे खरीफ फसलों की बोवनी पिछड़ रही है। अभी तक यहां 30 फीसदी रकबे में ही धान की बोवनी हुई है। 70 फीसदी खेत अभी भी खाली पड़े हुए हैं। तहसील के किसानों ने बताया, यदि जुलाई भी जून की तरह सूखा बीता तो धान की फसल पर खतरा मंडराने लगेगा।

मानसून की शुरुआत वैसे तो 15 जून से मानी जाती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2011-12 में 334.2 मिली, 2013-14 में 312.2 मिली (12 इंच) बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष अभी तक 114.2 मिली ही बारिश हुई है। सिहोरा और मझौली तहसील म धान की बोनी सिर्फ 30 फीसद (छिटका, सीड्रिल) हो सका है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 60 फीसदी बोवनी का काम पानी नहीं गिरने से पिछड़ गया है। किसानों को जुलाई माह में जोरदार बारिश का इंतजार है।

39 हजार हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य

कृषि विभाग ने इस वर्ष सिहोरा-मझौली तहसील में 39 हजार हेक्टेयर में धान की बोवनी का लक्ष्य रखा है। इसमें मझौली तहसील में 22 हजार हेक्टेयर और सिहोरा तहसील में 18 हजार हेक्टयेर रकबा शामिल है। कृषि विभाग के मुताबिक जून में बारिश नहीं होने से धान की बोवनी करीब 20 से 25 दिन पिछड़ गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक बारिश नहीके पहले हफ्ते में अब तक झमाझम बारिश नहीं होने का असर धान के उत्पादन पर पड़ सकता है।

जून माह व सीजन में कुल बारिश (मिमी में)

वर्ष : जून में बारिश : कुल बारिश
2014-15 : 60.0 : 1422.6
2015-16 : 141.2 : 559.6
2016-17 : 74.8 : 926.6
2017-18 : 210.4 : 745.8
2018-19 : 150.4 : ---
( नोट : वर्ष 2018-19 में 150.4 मिमी बारिश 15 जून से 9 जुलाई तक की है।)

जोरदार बारिश जरूरी
मझौली के कृषि विस्तार अधिकारी जीपी पटेल क अनुसार जून में बारिश नहीं होने का असर धान की बोवनी पर पड़ा है। तहसील में छिटका और सीड्रिल पद्धिति से दस हजार हेक्टेयर में धान की बोवनी हुई है। रोपा के लिए अभी जोरदार बारिश होना जरूरी है।