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jabalpur news : कुएं में मिले सेना के बम और हेंड ग्रेनेड के खोल, मचा हड़कंप

एक कुंए की सफाई के दौरान बड़ी संख्या में बमों और हेण्ड ग्रेनेड के खोल मिले।
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 5 Apr 2025, 11:51 AM IST

Army bombs

Army bombs

Army bombs : एक साल पहले कबाडख़ाने में बमों के विस्फोट से दहल चुकी संस्कारधानी में शुक्रवार को उस समय फिर सनसनी फैल गई जब एक कुंए की सफाई के दौरान बड़ी संख्या में बमों और हेण्ड ग्रेनेड के खोल मिले। इसकी बरामदगी तब हुई जब नगर निगम की टीम आमानाला बस्ती में कुएं की सफाई के लिए उतरी। कुएं की तलहटी में खोल देखते ही निगम कर्मी दहशत में आ गए। आमानाला क्षेत्र केन्द्रीय सुरक्षा संस्थान आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित है। सूचना पर पुलिस समेत सेना और ओएफके के अफसरों समेत फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कुएं से निकले हेण्ड ग्रेनेड का एक और बमों के 52 खोल जब्त कर लिए हैं।

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Army bombs : सफाई के दौरान मिला जखीरा
आमानाला क्षेत्र में कुएं की सफाई के लिए पहुंची थी नगर निगम की टीम
पुलिस के साथ सेना और ओएफके के अफसर जांच में जुटे
पानी में डूबने से लग चुकी हैं जंग

नगर निगम द्वारा गर्मी से पहले कुओं की सफाई करवाई जा रही है। टीम शुक्रवार को रांझी के आमानाला पहुंची। जहां एक कुएं की सफाई के दौरान तलहटी से एक के बाद एक बम और हेण्ड ग्रेनेड के खोल निकले। आसपास भीड़ जमा हो गई। रांझी पुलिस मौके पर पहुंची। खोलों की जांच की, तो देखा कि वह काफी पुराने थे और कुएं में पड़े रहने के कारण उनमें जंग भी लग गया था। जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।

Army bombs : पिछले साल सफाई में कुछ नहीं मिला

क्षेत्रीय पार्षद दामोदर सोनी ने बताया कि कुआं की गत वर्ष सफाई की गई थी, तब ऐसी कोई वस्तु नहीं थी। अचानक बम के खोखे कहां से आ गए। उनका कहना है कि यह चोरी का माल हो सकता है। यदि स्क्रेप के जरिए लाया गया होता तो उसे कोई कुएं में क्यों फेकता।

Army bombs : जांच में होगी पुष्टि

पुलिस के अनुसार जिस जगह पर कुएं में खोल मिले, वह खमरिया की लॉग प्रूफ रेंज के पास है। प्रथम दृष्टया अवशेष को देखने के बाद ओएफके प्रबंधन ने अपने यहां के उत्पाद होने से इनकार किया है। इससे मामला उलझ गया है। हालांकि कुछ लोग टेस्टिंग क्षेत्र से अवशेष बीनने की बात कही है, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई है। आगे की जांच में यह पता चल पाएगा कि यह उत्पाद किसके हैं, क्योंकि हर उत्पाद में कोड वर्ड में जानकारी दर्ज होती है, इसका पता फोरेंसिक जांच में चल पाएगा। यह भी आशंका जताई जा रही है कि एक साल पूर्व एक कबाडखाने में रखे बमों के खोखों में विस्फोट हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने जांच की थी। आशंका है कि पकड़े जाने के डर से वह खोखे लोगों ने वहां फेंके होंगे।

Army bombs : कबाडख़ाने में बमों में हो चुका है विस्फोट

खजरी खिरिया बाइपास के पास हिस्ट्रीशीटर गुंडे शमीम कबाड़ी के कारखाने में 25 अप्रेल 2024 को विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना खतरनाक था कि लगभग आठ से दस हजार वर्गफीट में फैला पूरा कबाडख़ाना ढ़ह गया। दो मजदूर गौर निवासी भोलाराम और आनंद नगर निवासी खलील की मौत हो गई थी। अधारताल पुलिस ने शमीम उसके बेटे फहीम और पार्टनर सुल्तान पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। जांच के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की टीम जबलपुर आई थी। जांच में 125 एमएम के अलावा 30 एमएम के लगभग ढ़ाई हजार बमों के खोल मिले थे। जिन्हें नष्ट किया गया था। फरार आरोपी शमीम पर 30 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है।


जबलपुर में कुएं में मिले सेना के बम और हेंड ग्रेनेड के खोल, मचा हड़कंप


Army bombs : फॉरेंसिक जांच से होगा खुलासा

पुलिस खोखों की फॉरेंसिक जांच कराएगी, ताकि उनमें लिखे नम्बर और वे कहां बने हैं इसका पता लगाया जा सके। इसके लिए खोलों को एफएसएल समेत ओएफके भेजा जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि खोल कहां के हैं और कितने पुराने हंै।

Army bombs : कुएं से बमों के 51 खोल और एक हेण्ड ग्रेनेड का खोल मिला है। सेना के अफसरों समेत फॉरेंसिक और ओएफके के अधिकारियों ने जांच की है। उन्हें जब्त कर लिया गया है। जांच कर पता लगाया जा रहा है कि आखिरकार खोल वहां किसने फेंके थे।

  • मानस द्विवेदी, थाना प्रभारी, रांझी

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Army bombs : रांझी क्षेत्र में कुएं में मिले बम के शेल फायर्ड हैं। यानि इनका इस्तेमाल फायरिंग में किया जा चुका है। घटना की जानकारी मिलने पर विशेषज्ञों को भेजा गया था। यह उत्पाद आयुध निर्माणी खमरिया के नही हैं। निर्माणी फायर्ड शेल को किसी भी माध्यम से बाहर नहीं भेजती है। इसमें ग्रेनेड के खोल भी दिखाई दे रहे है जो कि आयुध निर्माणी खमरिया का उत्पाद नहीं है।

  • अविनाश शंकर, जनसंपर्क अधिकारी, ओएफके

Army bombs : रांझी में जिस कुएं में बम के शेल मिले हैं, उसकी जांच अधिकारियों से कराई जा रही है। सूचना मिलने पर उन्हें मौके पर भेजा गया था। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

  • प्रीति यादव, आयुक्त नगर निगम