
lawyers strike in mp
जबलपुर। प्रदेश में वकीलों की हड़ताल को लेकर अधिवक्ता संघों के बीच बुधवार को मतभेद गहरा गए हैं। स्टेट बार काउंसिल के निर्णय के विरुद्ध जिला बार और हाईकोर्ट बार एसोसिशन ने हड़ताल का ऐलान किया है। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों की बुधवार को जबलपुर में हुई संयुक्त बैठक के बाद 12 और 13 अप्रैल, 2018 को वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय किया गया। इस बैठक में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने स्टेट बार काउंसिल के हड़ताल वापस लेने के निर्णय को एकतरफा बताया। इस मामले को लेकर स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष शिवेंद्र उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का भी फैसला किया है।
जिला कोर्ट में बुधवार को भी काम बंद
इधर, जबलपुर जिला कोर्ट में बुधवार को भी वकीलों ने कामकाज नहीं किया। जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य दलित संगठनों द्वारा 2 अप्रैल को कराए गए भारत बंद के विरोध में 10 अप्रैल को घोषित भारत बंद के दौरान पुलिस द्वारा वकीलों की पिटाई के मामले में नाराज है। साथी वकीलों पर पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने जिला अदालत में कामकाज ठप कर दिया। सीधी में वकीलों पर किए गए लाठीचार्ज के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। जिला अदालत में वकीलों के अचानक कार्य बंद किए जाने से बुधवार को कोर्ट पहुंचने वाले लोग भी परेशान हुए।
ये है मामला
मंगलवार को बंद के दौरान सीधी में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कुछ वकील सीधी जिला कोर्ट के पास एकत्रित हुए। वकीलों का एक समूह बंद का समर्थन कर रहा था। ये वकील पुुलिस द्वारा बंद के दौरान किए गए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने जब पुलिस के खिलाफ भी नारे लगाएं तो वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने वकीलों पर भी लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। इससे वकील नाराज हो गए। वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने बंद को शांतिपूर्वक समर्थन दे रहे वकीलों पर जबरन बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई। इस घटना में सीधी के वकीलों के समर्थन में बुधवार को जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ भी आ गया। सीधी में वकीलों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए न्यायिक कार्य से विरक्त रहने की घोषणा की है।
बार काउंसिल के सामने भी प्रदर्शन
जबलपुर में जिला अधिवक्ता संघ ने बंद के आव्हान के बाद वकीलों के साथ बैठक की। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्शमुनि त्रिवेदी, शशांक शेखर सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक में निर्णय किया गया कि इस मुद्दे को लेकर बार काउंसिल के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य भी शामिल होंगे।
Published on:
11 Apr 2018, 3:25 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.