
police killed auto driver, public beating on roads
जबलपुर। नेशनल हाइवे-7 पर देवरी के पास गुरुवार को सड़क किनारे एक ऑटो ड्राइवर का शव मिलने के बाद हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर जांच के नाम पर प्रताडि़त करने और उसकी वजह से ड्राइवर की मौत का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। गुस्साएं ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे पुलिस दल पर पथराव कर दिया। पुलिस वैन में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई। उपद्रव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए है।
ये है मामला
ग्रामीणों का आरोप है कि देवरी में इमलई मोड़ के पास दो पुलिस कर्मी आए। उन्होंने जांच के लिए एक ऑटो को रोका। पुलिस कर्मियों ने ऑटो ड्राइवर के पास स्मैक होने की बात कहते हुए उसकी तलाशी ली। इसके बाद पुलिस कर्मी ऑटो चालक को अपनी बाइक में बैठाकर आगे ले गए। कुछ देर दो पुलिस वाले लौटे और इमलई मोड़ से करीब 500 मीटर पहले ऑटो ड्राइवर को सड़क के किनारे छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों ने जाकर देखा तो ऑटो ड्राइवर मृत था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की प्रताडऩा से ड्राइवर की मौत हो गई। उसके बाद पुलिस कर्मी उसका शव फेंक कर भाग गए। इससे गा्रमीण भड़क गए। मृतक इमलई निवासी बताया जा रहा है।
पहले उल्टे पांव लौटी पुलिस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीणों ने हाइवे किनारे ड्राइवर का शव फेंकने की तत्काल पनागर पुलिस को सूचना दी। लेकिन काफी देर तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस के पहुंचने में लेटलतीफी से ग्रामीण बौखला गए। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची ग्रामीणों के साथ झड़प शुरू हो गई। लेकिन ग्रामीणों के उग्र रुख के चलते पुलिस कर्मियों को वहां से उल्टे पांव लौटना पड़ा।
आंसू गैस का गोले फेंक और लाठीचार्ज
गांव में स्थिति अनियंत्रित होने की सूचना जैसे ही पुलिस जिला मुख्यालय तक पहुंची भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया। जबलपुर से फोर्स पहुंचते ही प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इससे भगदड़ की स्थिति बन गई।
एएससपी, विधायक की भी नहीं सुनी
हंगामा बढऩे पर एसपी शशिकांत शुक्ला, एएसपी राजेश तिवारी सहित क्षेत्रीय विधायक सुशील इंदु तिवारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के साथ ही विधायक ने ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण शव फेंक कर भागने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल हाजिर करने की मांग करने लगे। इस पर विधायक ने जांच के बाद जिम्मेदार पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की बात कही। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों की नाराजगी के आगे विधायक को भी मौके से वापिस आने के लिए मजबूर होना पड़ा।
थाने घेरा, हाइवे जाम
ड्राइवर का शव फेंककर भागने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए है। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी के बना आंदोलन समाप्त करने से मना कर दिया। पुलिस के बल प्रयोग के बावजूद हजारों ग्रामीणों की भीड़ ने पनागर थाने को घेर लिया है। नेशनल हाइवे-7 में ग्रामीणों की भीड़ से सड़क जाम हो गई है। जबलपुर-कटनी, रीवा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे है।
Published on:
22 Feb 2018, 2:17 PM IST
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