
innocent story video
जबलपुर। जबलपुर रेंज में पिछले तीन दिन से साथ-साथ चल रहे दो हाथियों का साथ आखिरकार टूट गया। ग्रामीणों में ये दोनों राम-बलराम के नाम से प्रसिद्ध हो गए थे। एक हाथी बलराम की मौत के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट आने के बाद उसे रांझी स्थित वन डिपो में दफना दिया गया। दूसरा हाथी राम भी अपने साथी की मौत से दुखी होकर जंगल में कहीं छुप गया है। तीन दिन तक वन क्षेत्र में रहने के बाद भी अमला हाथियों की सुरक्षा में नाकाम रहा। रात करीब 7.30 बजे पीएम रिपोर्ट आने के बाद मृत बलराम हाथी को गोसलपुर वन डिपो में दफनाने की प्रक्रिया की गई। पोस्टमार्टम करीब 4 घंटे चला। माना जा रहा है कि हाथी की मौत तडक़े करीब 5 से 6 बजे के बीच हुई है। पोस्ट मार्टम की डिटेल रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने हाथी को मृत देखा तो इसकी सूचना वन विभाग को दी थी।
वन विभाग निगरानी में नाकाम: अब लकीर पीट रह अमला
टूट गया ‘राम-बलराम’ का साथ
क्रेन से लाए हाथी-
बरगी मोहास के जंगल में मृत हाथी का जंगल में ही पोस्ट मार्टम करना संभव नहीं था। ऐसे में बरगी से क्रेन और ट्रक मंगवाया गया। क्रेन से हाथी को उठाकर ट्रक में लादा गया। इस ऑपरेशन में करीब 1.30 घंटे वन विभाग को लगे। ट्रक को गोसलपुर वन डिपो रवाना किया गया। जहां कान्हा रिजर्व से डॉ. सदीप अग्रवाल, डॉ. एबी श्रीवास्तव सहित स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फारेसिंक सेंटर के चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किया।
रात में गांव में हुई पूछताछ-
हाथी की मौत के बाद बरगी, मोहास के गांव में वन अमले और बरगी थाने की पुलिस एवं वन विभाग ने रात में 10 बजे लोगों से पूछताछ की। रात में पुलिस अमले ने लोगों से जानकारी ली। बताया जाता है कुछ संदिग्धों को पकडकऱ पूछताछ की जा रही है।
लोहे के टुकड़े मिले
जिस स्थान पर हाथी मृत मिला वहां दूर दूर तक बिजली का खंभा नहीं है। ऐसा भी माना जा रहा है कि आसपास कहीं बिजली का तार बिछाया गया जहां करंट लगने से कुछ दूर चलने के बाद हाथी बेदम होकर गिर गया। वन अमले को एक स्थान पर लोहे के तार के कुछ टुकड़े मिले हैं। वन अमला जांच कर रहा है।
ओडिशा के जंगल से भटककर आया
ओडि़शा के जंगल से भटक कर बालाघाट मंडला एवं सतपुड़ा के घने जंगलों के बाद नरसिंहपुर होते हुए जबलपुर रेंज में ये हाथियों का जोड़ा तीन दिन पहले पहुंचा था। घटना की जानकारी लगने पर जंगल के आसपास रहने वाले कुछ ग्रामीण भी पहुंच गए। वन अमले ने किसी को भी क्षेत्र में प्रवेश करने नहीं दिया गया।
Updated on:
28 Nov 2020 12:16 pm
Published on:
28 Nov 2020 12:16 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
