
Credit Linked Subsidy Scheme
जबलपुर। कोरोना संकट के बीच नगरीय क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीदी और बिक्री पर स्टाम्प ड्यूटी में कटौती का रियल एस्टेट कारोबार पर अच्छा असर पड़ सकता है। क्रेडाई जबलपुर ने भी इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के साथ मई में हुई वर्चुअल मीटिंग में यह मांग की गई थी। स्टाम्प ड्यूटी 10.33 प्रतिशत करने की भी मांग की गई थी। ज्ञात हो कि शासन ने अब स्टाम्प ड्यूटी पर सेस तीन प्रतिशत से घटाकर एक फीसदी कर दिया है।
सेस में कमी से रियल एस्टेट कारोबार को होगा फायदा, छह दिसम्बर तक मिलेगी छूट
जिले के नगरीय क्षेत्रों में रियल एस्टेट में एक सैकड़ा से ज्यादा छोटे-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। लेकिन, अलग-अलग प्रकार के टैक्स के कारण लोगों को सम्पत्ति खरीदने में परेशानी होती है। सेस पर सहमत नहीं होने से लोग इसमें छूट की मांग करते हैं। जबलपुर क्रेडाई के सचिव दीपक अग्रवाल ने बताया कि मई में वर्चुअल मीटिंग में मुख्यमंत्री से सेस में कटौती की मांग की गई थी। शासन ने उनकी मांग मान ली है। हालांकि यह छूट दिसम्बर तक के लिए है, लेकिन इस बीच कारोबार को काफी फायदा होगा।
अभी यह है टैक्स
सम्पत्ति की खरीदी-बिक्री पर वर्तमान में 12.50 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसमें रजिस्टे्रशन शुल्क मार्केट वैल्यू का तीन फीसदी और स्टाम्प डï्यूटी पंाच प्रतिशत ली जाती है। इस पांच प्रतिशत पर 10 फीसदी उपकर लगता है। एक प्रतिशत जनपद शुल्क और तीन प्रतिशत नगरीय क्षेत्रों के लिए सेस लिया जाता है। इस प्रकार करीब 12.50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि खरीदी एवं बिक्री के लिए दी जाती है। अब सेस एक प्रतिशत होने पर लोगों को हजारों रुपए की बचत होगी।
सेस कम होने से लोगों को रजिस्ट्री कराने में फायदा होगा। अभी नोटिफिकेशन नहीं आया है। नोटिफिकेशन आने पर लोगों को इसका लाभ दिया जाएगा।
- रजनेश सोलंकी, जिला पंजीयक
Updated on:
10 Sept 2020 11:41 am
Published on:
10 Sept 2020 11:41 am
