विशेष पूजन: किसी शिवालय में गौरी-शंकर की विधिवत पूजा करें। गौघ्रत का दीप करें, चंदन धूप करें, चंदन व अक्षत चढ़ाएं। सुपारी व नारियल भेंट कर नैवेध में खीर पूड़ी का भोग दें। शिवलिंग पर मौली चढ़ाएं व 1 माला यह विशिष्ट मंत्र जपें। पूजा के बाद मौली अपनी कलाई पर बंधवाए व नैवेध को प्रसाद रूप में ग्रहण करें।