
crime in surat : डिंडोली-लिम्बायत में बदमाशों का आतंक
जबलपुर। सरकारी जमीन पर कब्जा कर क्षेत्र में रसूख जमाने वाले जबलपुर के आदतन अपराधी मोनू उर्फ कनक सोनकर के खिलाफ माफिया विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई हुई। उसने भानतलैया पानी की टंकी के आसपास की नजूल की भूमि पर अतिक्रमण किया था। सुबह प्रशासन, पुलिस की टीम नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते के साथ मौके पर पहुंची। अवैध निर्माणों को हटाना शुरू किया, तो क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। कार्रवाई देखने के लिए रद्दी चौकी मार्ग पर लोगों का तांता लग गया। एक-एक कर दो मकान, एक दुकान, व्यायाम शाला एवं बाउंड्रीवॉल ढहा दी गई। सूत्रों का कहना है कि मोनू संगीन वारदातों को अंजाम देते हुए सरकारी जमीन पर कब्जा करके क्षेत्र का 'माफियाÓ बनने की जुगत में था। फिलहाल रविवार को जब उसके अवैध निर्माण ढहाए जा रहे थे, तब वह जेल में था।
पाटन और रांझी एसडीएम आशीष पांडेय ने बताया कि कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर नजूल ब्लॉक 122, प्लॉट नम्बर-3 की शासकीय नजूल भूमि पर करीब 26 सौ वर्गफीट पर बना अवैध मकान धराशायी किया गया। 24 सौ वर्गफीट सरकारी जमीन पर गार्डरूम, स्टोर रूम आदि का अवैध निर्माण किया गया था। इस पर भी कार्रवाई की गई। करीब पांच हजार वर्गफीट जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। इसकी कीमत ढाई करोड़ रुपए से अधिक है। इसी ब्लॉक और प्लॉट नम्बर पर तीन हजार वर्गफीट पर रोड के किनारे पक्का मकान भी बनाया गया था। इस जमीन को भी कब्जा मुक्त कराया गया। उसकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा है। अवैध गतिविधियों के लिए संचालित करीब पांच हजार वर्गफीट पर बना पक्का कार्यालय भी जेसीबी और हिताची की सहायता से जमींदोज कर दिया गया। इसकी कीमत भी डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। एक जिमनेजियम भी बनाया गया था।
23 साल में 37 संगीन अपराध
मोनू सोनकर ने वर्ष 1997 में सबसे पहले वर्ष 1997 में मारपीट और बमबाजी की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद उसने हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाना, धमकाना, अवैध शराब के कारोबार जैसी कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि कनक सोनकर उर्फ मोनू सोनकर के खिलाफ 23 साल में बेलबाग, घमापुर, हनुमानताल, सिविल लाइंस में थाने में कुल 37 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। राधकृष्णन वार्ड के पूर्व पार्षद और फड़बाज कांग्रेस नेता गज्जू सोनकर के भाई धर्मेंद्र सोनकर पर मोनू ने बीते मार्च में फायरिंग की थी। अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। मामले में हनुमानताल पुलिस ने मोनू पर हत्या के प्रयास और हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अभी वह जेल में बंद है। मोनू ने वर्ष 2015 में भी हनुमानताल थाना क्षेत्र में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
Updated on:
15 Dec 2020 08:31 pm
Published on:
15 Dec 2020 08:31 pm
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