
महाशिवरात्रि... इस शिव मंदिर की है अजब कहानी, जानें इसका इतिहास
जबलपुर। महाशिवरात्रि पर्व मनाने के लिए नगर के शिवालयों व अन्य मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के कहर के चलते इस बार शहर के कई इलाकों में निकाली जाने वाली परम्परागत भोले की बारात निकलने की सम्भावना कम है, लेकिन बारात की जगह सांकेतिक आयोजन होंगे। वहीं मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। महाशिवरात्रि पर्व के लिए स्वयंभू गुप्तेश्वर धाम, पाटबाबा, रमनगरा, कचनार सिटी सहित अनेक मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं। इस दौरान संत समागम भी होगा। महाशिवरात्रि 2021 का पर्व इस बार 11 मार्च को पड़ रहा है। यह पर्व विशेष मुहूर्त में पडऩे वाला है। हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को चंद्रमा मकर राशि में, जबकि सूर्य कुंभ राशि में रहेंगे। ऐसे में महाशिवरात्रि पर्व शिव योग में मनाया जाएगा। ज्योतिषविद पंडित जनार्दन शुक्ला के अनुसार 11 मार्च की रात 12.06 से 12.55 बजे तक अभिजित मुहूर्त पड़ रहा है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
महाशिवरात्रि मुहूर्त-
निशीथ काल पूजा का समय- 11 मार्च, रात 12.06 बजे से 12.55 बजे तक
पहला प्रहर- 11 मार्च, शाम 06.27 बजे से 09.29 बजे तक
दूसरा प्रहर- रात 9.29 बजे से 12.31 बजे तक
तीसरा प्रहर- रात 12.31 बजे से 03.32 बजे तक
चौथा प्रहर- 12 मार्च, सुबह 03.32 बजे से सुबह 06.34 बजे तक
महाशिवरात्रि पारण मुहूर्त- 12 मार्च, सुबह 06.36 बजे से दोपहर 3.04 बजे तक
Published on:
09 Mar 2021 09:02 pm
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