नरसिंहपुर। राजा बहादुर भानुप्रताप सिंह से जुड़ा यह लाल महल इतिहास का एक हिस्सा है। जब तक इसमें राज परिवार रहे तब तक इसकी रौनक बरकरार रही। बाद में इसे स्कूल और सरकारी कार्यालय के रूप में उपयोग गिया गया, परन्तु अब काफी समय से ताला जड़ा हुआ है। शहर के बीचों बीच स्थित लाल महल कभी नरसिंहपुर की शान हुआ करता था पर अब उपेक्षा के रंग से यह बदरंग हो चुका है। कभी अपनी राजसी शान की लालिमा बिखेरने वाला यह महल अतीत की विरासत के रूप में अभी भी अपने अस्तित्व का बोध कराता है पर इसकी शाही रौनक खत्म हो चुकी है।