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इलाज के दौरान मरीज की मौत, परिजनों का हंगामा, जूनियर डॉक्टरों संग हाथापाई

-दिल के मरीज का चल रहा था इलाज, हालत थी गंभीर-जूनियर डॉक्टरों ने की हंगामा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
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Netaji Subhash Chandra Bose Medical College

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जबलपुर. नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जम कर हंगामा किया। यहां तक वे वार्ड में घुस कर हंगामा करने लगे। इस पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टॉफ ने ऐसा करने से रोका। उन्हें बताया कि यहां मरीज भर्ती हैं शोर-शराबा न करें। पर उन्होंने एक न सुनी। आरोप है कि उन्होंने अस्पताल में मौजूद पीजी रेजिडेंट्स के साथ मारपीट भी की। इस पर रेजिडेंट्स ने भी मोर्चा खोल दिया वे हमलावरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। चेताया है कि कार्रवाई न होने पर सख्त कदम उठाने को विवश होंगे।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि कटंगा रोड गोरखपुर निवासी एक महिला को 6 सितंबर को मेडिसिन आइसीयू में भर्ती कराया गया था। महिला हृदयरोग से पीड़ित थी और उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। ऐसे में उनका इलाज निर्धारित गाइड लाइन के तहत चल रहा था। डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और सोमवार-मंगलवार रात करीब दो बजे उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को दी गई वो वार्ड में पहुंच गए और हंगामा करने लगे। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की सेहत का हवाला देते हुए उन्हें समझाने की काफी कोशिश की गई पर वे धक्का-मुक्की और मारपीट पर उतारू हो गए। वार्ड में तैनात जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा कर्मी पहुंचे लेकिन परिजनों ने उनके सामने भी डॉक्टर के साथ हाथापाई की।

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. आशुल चावला, आयुष खाती आदि ने बताया कि पीड़ित चिकित्सक ने मेडिकल की सिक्योरिटी व गढ़ा पुलिस को घटना की सूचना दी लेकिन किसी ने सहायता नहीं की। अन्य जूनियर डॉक्टर भी इस घटना के विरोध में खड़े हो गए और मंगलवार दोपहर डीन से मुलाकात कर हमलावरों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर वैधानिक कार्रवाई की मांग की। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने की दशा में वे सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।