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Vegetable हरी सब्जियों के दाम दोगुना बढ़े, रसोई से गायब टमाटर

Vegetable हरी सब्जियों के दाम दोगुना बढ़े, रसोई से गायब टमाटर
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 3 Jul 2024, 12:55 PM IST

Vegetable

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जबलपुर . बारिश का सीजन शुरू होते ही सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। शहर सहित आसपास के इलाकों में हुई बारिश के बाद पिछले कुछ दिनों में ही सब्जियों के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। इससे रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। बारिश का सबसे ज्यादा असर टमाटर पर पड़ा है। चार दिन पहले फुटकर में 50 रुपए किलो बिकने वाले टमाटर के दाम 80-90 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। लोग सीमित मात्रा में सब्जियां खरीदकर काम चला रहे हैं।

बारिश में आवक कम होने के बहाने से व्यापारियों ने बढ़ाई कीमत

उत्पादन कम
जानकारी के अनुसार व्यापारियों ने खेत से बाजार तक सब्जियों की आवक कम होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने आलू, प्याज, लहसुन और अदरक के भाव बढ़ा दिए हैं। लहसुन के भाव 300 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। शहर में अदरक 200 रुपए किलो, बरबटी 80 रुपए किलो बिक रही है। करेला भी इसी भाव से बिक रहा है। अन्य दिनों की तुलना में लौकी 40 रुपए किलो, आलू 40 और प्याज के दाम 50 रुपए किलो पहुंच गए हैं। बैंगन की आवक अच्छी होने से इसके भाव 20 से 30 रुपए किलो हैं।

प्रशासन रखे नजर
आम लोगों का कहना है कि प्रशासन इस समय सब्जियों पर नजर रखे। क्योंकि, हरी सब्जियों की आवक प्रभावित होने की बात तो समझ में आती है। लेकिन, अदरक, लहसुन, प्याज, आलू का आवक अचानक से कम या ज्यादा नहीं होती। शहर के ज्यादातर कारोबारी इनका स्टॉक रखते हैं। लेकिन, जिस तरह से इनके भी दाम बढ़े हैं, उससे लोगों को लग रहा है कि कीमतें जानबूझकर बढ़ाई जा रही हैं। फिलहाल टमाटर कारोबारियों के अनुसार आवक में सुधार होने से इस सप्ताह भाव 50 फीसदी तक कम हो सकते हैं।

बेसन से बने व्यंजनों पर जोर
बारिश में सब्जियों के दाम बढ़ने और शाक-सब्जियों के दूषित होने के कारण महिलाओं ने इनका उपयोग करना लगभग बंद कर दिया है। इसकी जगह बेसन से बने व्यंजनों पर जोर दिया जा रहा है। रसोई में अब बेसन ज्यादा महकने लगा है।