
जगदलपुर .नक्सलियों ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने उन पर पहली बार एयर स्ट्राइक की है। उनका दावा है कि इस हमले से उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसकी पुष्टि के लिए नक्सलियों ने 17 सेकेंड का एक वीडियो और दो तस्वीरें भी जारी की हैं जिसमें एक बड़ा गड्ढा और कुछ टूटा हुआ इलेक्ट्रॉनिक सामान दिखाई दे रहा है।
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी ने एयर स्ट्राइक से इनकार करते हुए इसे नक्सली प्रपोगेंडा करार दिया है। पत्रिका से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सली अपना जनाधार खोते जा रहे है इसलिए जनता की सहानुभूति पाने झूठा आरोप लगा रहे है। नक्सल प्रभावित इलाकों में ड्रोन या हेलीकॉप्टर से कोई बमबारी नहीं की गई है।
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भाकपा माओवादी संगठन के डीकेएसजेडसी के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि 19 अप्रैल को तड़के 3 बजे बीजापुर जिले के पामेड़ थानक्षेत्रांतर्गत बोतालंका और पलामूगुडेम में सरकार ने ड्रोन से 12 बम गिराए है।
हमले के पूर्व उन्होंने अपना कैम्प वहां से हटा लेने का दावा करते हुए इस हमले से नक्सलियों को कोई नुकसान न होने की बात कही है। इस हवाई हमले की निंदा करते हुए 19 अप्रैल को काला दिवस बताया है। केंद्र सरकार पर यह आरोप मढ़ा है कि मोदी सरकार ने अपने आप को साम्राज्यवादी एजेंट साबित कर दिया है। नक्सली प्रवक्ता ने बस्तर के जनप्रतिनिधियों से इस हमले की निंदा करने की अपील की है।
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हिड़मा के कोर इलाके में हमला
बताया जाता है बोतालंका और पलामूगुडेम का इलाका नक्सली कमांडर हिड़मा का कोर इलाका है। सूत्रों के मुताबिक बोतालंका और पलामूगुडेम के बीच चिंतावागू नदी बहती है और पहाड़ व जंगल भी है इसलिए यह इलाका बटालियन के लिए सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है।
सूत्रों के मुताबिक नक्सलियों ने आसपास कई छिपने के स्थान भी बना रखे हैं। जिनकी जानकारी कम ही लोगों को है। पलामूगुडेम में ही नक्सली नेता व डीकेएसजेडसी सचिव रमन्ना की मौत हुई थी। मृत्यु के पूर्व इसी इलाके में रामन्ना लगभग एक वर्ष तक मरणासन्न स्थिति में अपना इलाज करवाता रहा है।
Published on:
22 Apr 2021 06:06 pm
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