
CG Naxal Encounter: बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में साल की सबसे बड़ी मुठभेड़ में फोर्स के एक हजार जवानों ने नक्सलियों को चारो तरफ से घेरकर मारा। मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए हैं। साथ ही दो जवान भी शहीद हुए हैं। दो जवान गंभीर रूप से घायल थे जिन्हें एयरलिफ्ट कर रायपुर भेजा गया है। नेशनल पार्क के सेंड्रा इलाके में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर बड़े नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर शनिवार शाम ऑपरेशन लांच किया गया था।
एसटीएफ, डीआरजी और बस्तर फाइटर के 1000 जवानों ने पूरे इलाके के सुबह होते-होते घेर लिया। इसके बाद नक्सलियों को टारगेट करते हुए सुबह 8 बजे फायरिंग शुरू की गई और तीन से चार घंटे में ही 31 नक्सली ढेर कर दिए गए, जिस इलाके में मुठभेड़ हुई है वह नक्सलियों के लिए हमेशा से सबसे सुरक्षित रहा है। पहली बार फोर्स ने इस इलाके में पुख्ता इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ऑपरेशन लांच किया और एक बड़ी सफलता हाथ लग गई।
यह साल 2025 की सबसे बड़ी मुठभेड़ साबित हुई है। इससे पहले पिछले साल अबूझमाड़ के थुलथुली में 38 नक्सली मारे गए थे। यह बीजापुर जिले में नक्सल इतिहास की सबसे बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में नक्सली यहां नहीं मारे गए थे। इस मुठभेड़ से बीजापुर में नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है।
नेशनल पार्क का यह इलाका नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता था। फोर्स ने इस सेफ इलाके में कदम रखकर नक्सलियों का बड़ा नुकसान किया हैं। नेशनल पार्क में दो सेंचुरी भी है। इसके अंदर लगभग 75 वन ग्राम भी स्थित हैं। इसकी सीमा एक ओर महाराष्ट्र ओर दूसरी ओर अबूझमाड़ से लगी है। अधिकांश इलाका सघन वनों से आच्छादित है।
इसी का फायदा लंबे वक्त से नक्सली उठाते रहे और पूरे इलाके में उनका अघोषित कब्जा रहा है। यहां कई स्थानों पर नक्सलियों के ट्रेनिंग कैंप भी संचालित होते रहे हैं। यहां नक्सलियों की नेशनल पार्क एरिया कमेटी, मद्देड़ एरिया कमेटी और पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी के अधिकांश नक्सली सक्रिय रहते हैं।
मुठभेड़ जिस जगह पर हुई है वह बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर है। यह इलाका नक्सलियों का कोर इलाका कहलाता है। मुठभेड़ के बाद जवान सावधानापूर्वक पैदल ही नक्सलियों की बॉडी लेकर जिला मुख्यालय बीजापुर की तरफ आ रहे हैं। मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी के सचिव के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा और भी कुछ बड़े नक्सली इस मुठभेड़ में मारे गए हैं।
मुठभेड़ में डीआरजी और एसटीएफ के दो जवान शहीद हो गए हैं। वहीं दो जवान घायल हैं जिनका उपचार रायपुर में चल रहा है। घायल जवानों ही हालत खतरे से बाहर है। शहीद जवानों में बालोद के भाटापारा निवासी डीआरजी के नरेश ध्रुव और बालोद के ही डोंडी निवासी वासित रावटे शहीद हुए हैं वे एसटीएफ में आरक्षक थे। घायल होने जवानों में डीआरजी के जग्गू कलमू और एसटीएफ के गुलाब मंडावी शामिल हैं।
मुठभेड़ के बाद मौके पर भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद की गई है। साथ ही आटोमेटिक हथियार भी मिले हैं, जिनमें एके 47, एसएलआर, इंसाास राइफल. 303, बीजीएल लांचर और विस्फोटक मिले हैं।
पी. सुंदरराज, आईजी बस्तर- हमारे जवानों ने नक्सलियों के कोर इलाके में दाखिल होकर बड़ी सफलता हासिल की है। यह उनके पराक्रम से मिली सफलता है। जवान मिशन २०२६ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे है।
9 फरवरी— बीजापुर इंद्रावती नेशनल पार्क पर 31 नक्सली ढेर
2 फरवरी- बीजापुर के गंगालूर में मुठभेड़, 8 नक्सली ढेर
20-21 जनवरी- गरियाबंद जिले में मुठभेड़, 16 नक्सलियों के शव बरामद
16 जनवरी- छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर, कांकेर पुजारी गांव में 18 नक्सली ढेर
12 जनवरी- बीजापुर के मद्देड़ इलाके में मुठभेड़, 2 महिला नक्सली समेत 5 नक्सली ढेर
9 जनवरी- सुकमा-बीजापुर बॉर्डर में 3 नक्सली ढेर
6 जनवरी – आईईडी ब्लास्ट की चपेट में जवानों की गाड़ी आई, 8 जवान शहीद, एक ड्राइवर की भी मौत
4 जनवरी- अबूझमाड़ के जंगल में मुठभेड़, एक महिला नक्सली समेत 5 नक्सली ढेर, एक डीआरजी जवान शहीद
गृह मंत्री अमित शाह: नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को ढेर करने के साथ ही भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गयी है। हमने अपने दो बहादुर जवानों को खोया है। यह देश इन वीरों का सदा ऋणी रहेगा। 31 मार्च 2026 से पहले हम देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर देंगे।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसका खात्मा कर रहे हैं। जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी बहादुरी को नमन करता हूं। मुठभेड़ में 2 जवान शहीद एवं 2 जवान के घायल होने की भी दुःखद खबर प्राप्त हुई है। ईश्वर से शहीद जवानों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं। मार्च 2026 तक हमारा प्रदेश नक्सलवाद मुक्त होकर रहेगा।
नक्सल ऑपरेशन के बीच एक ओर जहां बड़ी संख्या में नक्सली मारे जा रहे हैं तो वहीं साल 2025 में फोर्स को भी नुकसान हुआ है। पिछले महीने 6 जनवरी को बीजापुर जिले के कुटरू में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया था जिसमें 8 जवान मारे गए थे। वहीं 4 जनवरी को अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ में एक डीआरजी जवान शहीद हुआ था। अब रविवार को हुई मुठभेड़ में 2 जवान और शहीद हुए हैं। इस तरह देखें तो जनवरी से अब तक 11 जवान बस्तर में शहीद हुए हैं।
साल 2024 से लेकर अब तक लगातार नक्सल मोर्चे पर सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ में नक्सली अब अंतिम सांसे गिन रहे हैं। बस्तर में नक्सलियों का आधार क्षेत्र अब सिमटता जा रहा है। उन्हें छिपने की जगह भी नहीं मिल रही है। नक्सलियों के सुरिक्षत इलाके में दाखिल होकर भी फोर्स ऑपरेशन लांच कर रही है और बड़ी सफलताएं मिल रही हैं।
बस्तर में नक्सल संगठन के बड़े नाम भी अब गायब नजर आ रहे हैं। पिछले साल जहां 12 महीने में 200 से ज्यादा नक्सली मारे गए थे तो वहीं नए साल की शुरुआत से अब तक ही 91 नक्सली मारे गए हैं। केंद्र सरकार ने मिशन 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे का दावा किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार बस्तर से नक्सलवाद के जल्द खत्म होने की बात कह रहे हैं।
CG Naxal Encounter: बस्तर में नक्सली पंचायत चुनाव के बीच दहशत फैला रहे थे। दो दिन पहले ही उन्होंने दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर पंचायत के सरपंच प्रत्याशी की बेरहमी से हत्या की थी। इस घटना के दो दिन बाद ही फोर्स ने नक्सलियों को बड़ा झटका दिया है। फोर्स से लगातार मुंह की खा रहे नक्सली निरीह आदिवासियों को टारगेट कर उनकी हत्या कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस मुठभेड़ के बाद नक्सलियों का मनोबल टूटेगा।
Updated on:
10 Feb 2025 09:29 am
Published on:
10 Feb 2025 07:49 am

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