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CG News: एनिमल लवर्स का मार्च.. स्ट्रीट डॉग्स के साथ हो रही बर्बरता के खिलाफ उठाई आवाज

CG News: हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी रक्षा करें। समाज तभी सभ्य कहलाएगा जब हम अपने सबसे असहाय प्राणियों के प्रति संवेदनशील होंगे।

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एनिमल लवर्स का मार्च (Photo source- Patrika)

एनिमल लवर्स का मार्च (Photo source- Patrika)

CG News: शहर में बेजुबान स्ट्रीट डॉग्स के साथ बर्बरता की घटना बढ़ती जा रही है। आए दिन उन्हें वाहन से कुचलने, घसीटने के वीडियो सामने आ रहे हैं। दूसरी तरफ शहर में बढ़ रहे आवारा कुत्तों की संख्या कम करने की दिशा में कोई पहल जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं। उनके लिए नसबंदी और टीकाकरण जैसे अभियान पर बात नहीं हो रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर गुरुवार को शहर में स्ट्रे सेफ संस्था ने शहर में साइलेंट मार्च का आयोजन किया।

CG News: लोग तख्तियां लेकर कर रहे मार्च

शहर ने पहली बार ऐसी रैली देखी जिसमें समाज का हर वर्ग शामिल था और वह बेजुबानों की आवाज उठा रहा था। इस रैली का उद्देश्य बेजुबान जानवरों के लिए इंसानियत की आवाज बुलंद करना रहा। मार्च की शुरुआत शाम ६ बजे बजे गढक़लेवा शहीद पार्क चौपाटी से की गई। समापन सिरहासार चौक पर किया गया। इस मार्च में युवा, महिलाएं, बुजुुर्ग, बच्चे—हर वर्ग के लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुए। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी विरोध किया गया जिसमें डॉग्स को शेल्टर में डालने की बात कही गई है।

एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत

अध्यक्ष: स्ट्रे सेफ फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष लुप्तेश जगत ने कहा कि यह साइलेंट मार्च केवल एक रैली नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत है जो यह याद दिलाता है कि इंसानियत की असली पहचान उसके कमजोर और असहाय जीवों के प्रति व्यवहार से होती है। उन्होंने कहा कि बेजुबान बोल नहीं सकते, लेकिन दर्द सहते हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी रक्षा करें। समाज तभी सभ्य कहलाएगा जब हम अपने सबसे असहाय प्राणियों के प्रति संवेदनशील होंगे।

स्ट्रीट डॉग्स को हमारी तरह दर्द होता है उसे महसूस करें

CG News: शहर में लगातार पशुओं की रक्षा के लिए काम करते हुए दिखने वाले प्रदीप गुहा भी इस साइलेंट आक्रोश रैली में शामिल थे। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार बेजुबान स्ट्रीट डॉग्स क्रूरता का शिकार हो रहे हैं। रात के वक्त उन्हें वाहन चालक कुचलकर निकल जाते हैं और पीछे एक बेजुबान को तड़पता हुआ छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि बेजुबानों को भी हमारी तरह दर्द होता है, बस वो बता नहीं सकते। उनकी सेवा ही असल सेवा है।

मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर संदेश दिया कि सडक़ के डॉग्स या दूसरे जानवर दुश्मन नहीं, बल्कि हमारे साथी हैं। उनकी देखभाल करना, उन्हें भोजन और सुरक्षा देना हर इंसान का नैतिक कर्तव्य है। इस दौरान अलग-अलग धर्म को मानने वाले एनिमल लवर्स ने अपने आराध्य के साथ डॉग्स की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि ईश्वर भी इन बेजुबानों से प्रेम करते हैं।