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पुलिस कर्मचारी वेलफेयर के नाम पर करोडो का हेरफेर, अब कसेगा शिकंजा

जगदलपुर के कंगोली स्थित पांचवी वाहिनी में पुलिस कर्मचारी वेलफेयर के नाम से चल रही संस्था में आर्थिक अनियमितताओ का मामला प्रकाश में आया है | कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है उनके द्वारा जमा की गई फिक्स डिपाजिट की राशि में कटौती की जा रही है उनके द्वारा जमा लेने में परेशानी हो रही है |
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जगदलपुर

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Manish Gupta

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Updated: 18 Feb 2022, 1:41 PM IST

कंगोली स्थित पांचवी बटालियन का आफिस

जगदलपुर के पांचवी बटालियन परिसर में गठित हुई है पुलिस कर्मचारी वेलफेयर सोसायटी

जगदलपुर। सुरक्षा व जनसेवा में लगे पुलिस कर्मियों की बचत राशि पर उनके विभाग के ही कुछ लोग डाका डाल रहे हैं। वेलफेयर के नाम पर करोड़ों की राशि जमा करने के बाद वे अब इसके हेरफर में जुटे हैं। ऐसा ही वाकया कंगोली स्थित सीएएफ पांचवीं बटालिय पुलिस कर्मचारी वेलफेयर में सामने आया है जिसमें हितग्राही जब अपनी बचत राशि की वापसी के लिए पहुंचे तो यह सोसायटी ने उन्हें टीडीएस कटौती के साथ ही कम ब्याज देने का फरमान सुना दिया।

इधर समिति के सदस्यों ने बताया कि उन्हें एफडी व आरडी में दर्ज राशि के अनुसार ही रकम वापस चाहिए। सोसायटी इन्हें तीन से चार प्रतिशत कम ब्याज दर पर राशि लौटाने पर अड़ी हुई है इसके बाद उसमें टीडीएस कटौती अलग से होनी है। मिली जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों को पचास लाख से लेकर ७० लाख रुपए तक की रकम सोसायटी से वापस लेनी है।

आठ सौ से अधिक मेंबर्स ने करोड़ों रुपए किए हैं जमा
सीएएफ पांचवीं बटालियन में सीजी कर्मचारी क्रेडिट एंड वेलफेयर सोसायटी के नाम से संचालित इस सोसायटी में आठ सौ से अधिक मेंबर्स ने करोड़ों रुपए निवेश किए हैं। पत्रिका को मिली शिकायतों में कर्मचारियों ने बताया कि यहां जमा राशि पर उन्हें आरडी व एफडी पर परिपक्वता अवधि के बाद सात से दस फीसदी की दर से राशि लौटानी थी। इसके लिए उन्हें बाकायदा प्रिंटेड बाउचर्स भी दिए गए हैं। लेकिन जब वे इसकी वापसी के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें टीडीएस कटौती व कम ब्याज दर पर रकम लेने दबाव बनाया जा रहा है।

70 लाख रुपए के लिए लगा रहे चक्कर
सेवानिर्वत एसआई आरपी वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस वेलफेयर सोसायटी में 16 से अधिक आरडी व एफडी पर निवेश किया है। रिटायर होने के बाद उन्होंने जब रकम वापसी के लिए आवेदन दिया तो वेलफे यर सोसायटी पूरी रकम लौटाने हीला हवाला कर रही है। लगातार तकाजे के बाद भी उन्हें अब तक रकम वापस नहंी किया गया है। बार बार कह रहे हैँ कि टीडीएस काटेंगे व कम ब्याज में रकम लौटाएंगे। श्री वर्मा का कहना है कि इससे पहले सोसायटी ने कई लोंगों के रुपए बिना कोई टैक्स काटे लौटाए हैं। अन्य बटालियन में भी ऐसा नहीं होता है। दबाव बनाकर उनसे सहमति मांगी जा रही है। न्याय नहीं मिलने पर वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

अमानत में खयानत का अंदेशा
इधर वेलफेयर सोसायटी के निवेशकों का कहना है कि सोसायटी का कामकाज देख रहे कुछ कर्मचारी सदस्यों ने ही अमानत में खयानत कर दी है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत की बात भी कही जा रही है। उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच होगी तो और भी खुलासे होंगे।

विधिवत कार्रवाई होगी...सेनानी
पांचवी बटालियन के सेनानी व अध्यक्ष वेलफेयर सोसायटी शशि मोहन सिंह इस मामले पर कहा है कि आवेदक को रकम लौटाने सोसायटी कदम उठा रही है। हालांकि टीडीएस में कटौती को लेकर उनसे सहमति मांगी गई है। ब्याज दर व टीडीएस को लेकर अन्य वित्तीय संस्थान से दिशा- निर्देश प्राप्त किए जा रहे हैं। विधिवत कार्रवाई कर रुपए लौटा दिए जाएंगे।

पत्र भेजा गया है पर पंजीयक कार्यालय खामोश
सीजी कर्मचारी क्रेडिट एंड वेलफेयर सोसायटी ने इस लेनदेन को लेकर सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं से पत्र व्यवहार भी किय है। इस बारे में जानकारी लेने पर सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।