
कानफोड़ू डीजे कर रहा बीमार, 60 डेसीबल तय पर 120 तक का शोर, कार्रवाई नहीं
जगदलपुर . त्योहार मनाना गलत नहीं है, लेकिन पिछले चार दिनों से बस्तर में जिस तरह से गणेश विसर्जन के दौरान डीजे कान फोड़ रहे हैं यह गलत है। डीजे का शोर बस्तर के साथ पूरे प्रदेश को हलाकान कर रहा है। इस मामले में हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और चीफ सेक्रेटरी से प्रदेशभर में कानफोड़ू डीजे पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
बस्तर में डीजे का शोर रोकने में सिस्टम नाकाम हो चुका है। हाई कोर्ट ने 2016 में भी डीजे संचालकों पर तय सीमा से ज्यादा शोर मचाने पर कार्रवाई के लिए कहा था लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। इस बार तो हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कह डाला है कि जो हो रहा है वह बर्दाश्त करने के लायक नहीं है। सीधे डीजे सीज कर लेना चाहिए।
शहर में पिछले चार दिन से लगातार डीजे लोगों के कान फोड़ रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण को लेकर जो गाइड लाइन तय की गई है उसके अनुसार शहर में 60 डेसीबल से ज्यादा शोर नहीं होना चाहिए, लेकिन पत्रिका ने जब रविवार को शहर में डीजे के शोर को मापा तो पाया कि शोर 100 से 120 डेसीबल तक है। इतना शोर लोगों को बीमार कर रहा है। हाई, बीपी के मरीजों के लिए खतरा बढ़ रहा है। वे अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुजुर्ग घर छोडक़र शहर से दूर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
पुलिस हाथ खड़े कर रही : पिछले चार दिन में शहर के अलग-अलग इलाकों से लोगों ने 112 पर कॉल कर डीजे के शोर की शिकायत की है। इन शिकायतों पर पुलिस का कहना है कि त्योहारी सीजन है कुछ नहीं कर सकते। इस वक्त पूरे संभाग में डीजे को लेकर पुलिस का यही रवैया है।
Published on:
2 Oct 2023, 8:10 PM IST
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