29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुरक्षा मापदण्डों की पालना नहीं कर रही थी 373 माइंस

खान सुरक्षा अभियान के तहत एक पखवाड़े में 373 माइंस का निरीक्षण कर कमी पाई जाने वाले माइंसधारकों को खान सुरक्षा मापदण्डों की शतप्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Narendra Singh Solanki

•

Updated: 9 Feb 2023, 9:33 AM IST

सुरक्षा मापदण्डों की पालना नहीं कर रही थी 373 माइंस

सुरक्षा मापदण्डों की पालना नहीं कर रही थी 373 माइंस

खान सुरक्षा अभियान के तहत एक पखवाड़े में 373 माइंस का निरीक्षण कर कमी पाई जाने वाले माइंसधारकों को खान सुरक्षा मापदण्डों की शतप्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया गया है। वहीं, जनवरी माह में 125 से अधिक सिलिकोसिस जांच व जागरुकता शिविर आयोजित कर 15 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है। एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में संभावित क्षेत्रों में 125 स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में क्षेत्रवासियों और श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही आवश्यकतानुसार शिविर में ही उन्हें दवा, मास्क व अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए, वहीं बचाव उपायों से विशेषज्ञों द्वारा जागरुक किया गया। अप्रेल से अब जनवरी तक प्रदेश में 40 हजार से अधिक खनन श्रमिकों का स्वास्थ्य जांच कराई जा चुकी हैं, वहीं सिलिकोसिस के संभावित 3616 पीड़ितों के नियमित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

यह भी पढ़ें : मंडी और कृषक कल्‍याण शुल्क का बोझ मंडियों से हटाया जाए

स्वास्थ्य मापदंडों के प्रति गंभीर सरकार

चिंतन शिविर के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सुरक्षित खनन के प्रति गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में 23 जनवरी से एक माह का खान सुरक्षा अभियान आयोजित किया जा रहा है। इसमें निदेशक माइंस संदेश नायक सहित विभाग के अधिकारी मांइस क्षेत्र में जाकर निरीक्षण कर माइंसधारकों और सुरक्षा व स्वास्थ्य मानकों की सख्ती से पालना करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
गौरतलब है कि एसीएस माइंस द्वारा प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही हैं, वहीं, निदेशक माइंस सहित अधिकारियों द्वारा माइंस का दौरा कर निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के दौरान निदेशक माइंस संदेश नायक द्वारा जोधपुर व नागौर के साथ ही भीलवाड़ा में निरीक्षण किया गया और भीलवाड़ा में आयोजित सिलिकोसिस जांच शिविर में हिस्सा लिया। राज्य सरकार खानों में सुरक्षा व स्वास्थ्य मापदंडों की पालना कराने के प्रति गंभीर है और यहीं कारण है निरीक्षण के लिए संभावित खानों को ही चुना जा रहा है और कमी पाए जाने पर आरंभ में नोटिस देकर पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : सरकार को आया चैन, गेहूं की कीमतें 10 फीसदी तक घटी

कोताही बरतने पर माइनिंग बंद

नियमों व मापदंडों की पालना में कोताही बरतने पर माइनिंग बंद कराने जैसे अप्रिय कदम उठाए जाएंगे। निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि खान सुरक्षा अभियान के तहत विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर एएमई स्तर तक के अधिकारी निरीक्षण कार्य को अंजाम दे रहे हैं। 23 जनवरी से चलाए जा रहे अभियान के दौरान गत सप्ताह तक जोधपुर वृत में सर्वाधिक 68, उदयपुर और जयपुर वृत में 48, भीलवाड़ा में 42, बीकानेर में 39, अजमेर में 38, राजसमंद में 36 और कोटा में 31 खानों व भरतपुर में 23 खानों का निरीक्षण किया गया है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग