
Rajasthan News: सरकारी नौकरी का सपना लेकर राजधानी आने वाले युवाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। नौकरी की तैयारी के लिए युवा लाइब्रेरी की फीस तो पूरी दे रहे हैं, लेकिन उन्हें यह गारंटी नहीं दी जा रही कि वे पूरे महीने लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ सकेंगे।
दरअसल, दिल्ली की कोचिंग में बेसमेंट में पानी भरने के बाद तीन छात्रों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जयपुर में जेडीए और नगर निगम ने बेसमेेंट में अवैध रूप से संचालित लाइब्रेरी पर कार्रवाई शुरू कर दी। ऐसे में लाइब्रेरी संचालित तो की जा रही है लेकिन युवाओं से फीस लेेने के साथ ही यह लिखवाया जा रहा है कि अगर लाइब्रेरी सील हो जाती है तो फीस रिफंड नहीं की जाएगी। मजबूरन युवा बिना गारंटी के ही लाइब्रेरी में पढ़ने को मजबूर हैं।
शहर में बिना नियम कायदे चल रहे कोचिंग संस्थानों में भी युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। जिन संस्थानों ने सुरक्षा मानकों की पालना नहीं कर रखी, उनको जेडीए और निगम सील कर रहा है। ऐेसे में उन युवाओं को खासतौर से परेशानी हो रही है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कोचिंग बंद रहने से युवाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शहर की बात करें तो जयपुर के गोपालपुरा, महेश नगर, त्रिवेणी नगर, गुर्जर की थड़ी, प्रताप नगर इलाके में दो हजार से अधिक लाइब्रेरी संचालित हैं। अधिकतर लाइब्रेरी रियायशी इलाकों में है। नियमानुसार बेसमेंट में लाइब्रेरी का संचालन नहीं किया जा सकता। इन लाइब्रेरी से करीब 50 हजार युवा जुड़े हैं। इन युवाओं से करीब सात करोड़ रुपए तक लाइब्रेरी संचालक वसूल रहे हैं।
महेश नगर निवासी मोनू अवस्थी सीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। जेडीए पार्क के पास लाइब्रेरी में पढ़ने की बात करने गया। संचालक ने लाइब्रेरी की फीस लेने से पहले ही कहा कि अगर कल कार्रवाई होती है तो फीस वापस नहीं दी जाएगी। सवाईमाधोपुर निवासी रवि सैन त्रिवेणी लाइब्रेरी के पास एक लाइब्रेरी में पढ़ने जाता है। अगस्त की फीस लेते ही संचालक ने कह दिया कि जेडीए की ओर से कार्रवाई की जा रही है, अगर लाइब्रेरी बंद होती है तो फीस रिफंड नहीं की जाएगी।
कोचिंग संस्थान नियम-कायदों से चलने को तैयार हैं। संस्थानों को समय दिया जाए। युवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहेे हैं, उनका नुकसान भी नहीं होगा। इस समस्या और कोचिंग हब में दरें कम करने की मांग को लेकर हमने मुख्यमंत्री से समय मांगा है। अनीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ
कोचिंग संचालक मोटी फीस वसूलकर भी नियम कायदों की पालना नहीं कर रहे हैं। अगर कोचिंग बंद भी रहती है तो इसका नुकसान खासतौर से बेरोजगारों को हो रहा है। लाइब्रेरी संचालकों ने तो लूट मचा दी है। युवाओं से फीस वापस नहीं करने की गारंटी लिखित में ली जा रही है। ईरा बोस, प्रदेशाध्यक्ष, युवा हल्ला बोल
Updated on:
5 Aug 2024, 12:03 PM IST
Published on:
5 Aug 2024, 12:03 PM IST
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