
जयपुर।
राजस्थान कांग्रेस में गहलोत-पायलट गुटबाज़ी और पार्टी के ही नेताओं गरमाये बयानों के बीच गोवा राज्य से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, गोवा में कांग्रेस पार्टी के 8 विधायकों ने 'हाथ' का साथ छोड़कर 'कमल' थाम लिया है। पार्टी से विधायक स्तर के सीनियर नेताओं की विदाई को कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
गोवा में हुई इस उठापटक को भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' से जोड़कर भी देखा जा रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने इस तरह के भाजपा के कथित अभियान की आशंका राजस्थान को लेकर भी जताई थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेताओं ने भाजपा पर चुनी हुई सरकार गिराने की साजिश के आरोप भी लगाए थे। हालांकि प्रदेश में इस तरह की कोशिश कामयाब नहीं हो सकी थी।
बच गए सिर्फ तीन विधायक
गोवा में 8 कांग्रेसी विधायकों के भाजपा में शामिल होने की खबर ने राजस्थान के सियासी गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है। प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच इस बात की चर्चा शुरू हो गई है। साथ ही इस घटनाक्रम को राजस्थान की राजनीति और खासकर राजस्थान कांग्रेस में चल रही गुटबाज़ी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
'भारत जोड़ो' यात्रा के बीच झटका
गोवा में सियासी उठापटक की ये बड़ी खबर तब सामने आई है जब पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा से पहले पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक गुलाम नबी आज़ाद ने भी इस्तीफा देकर करारा झटका दिया था।
ये 8 कांग्रेसी विधायक भाजपा में शामिल
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिगंबर कामत और नेता प्रतिपक्ष माइकल लोबो समेत कांग्रेस के आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में दिगंबर कामत, माइकल लोबो, डी लोबो, राजेश फलदेसाई, केदार नायक, संकल्प अमोनकर, अलेक्सो सिकेरा और रुडॉल्फ फर्नांडिस जैसे नाम शामिल हैं।
40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में भाजपा के पास 20 विधायक थे। वहीं कांग्रेस के पास 11 सीटें थीं। इसके अलावा महाराष्ट्रवादी गोमांतक के पास दो व गोवा फॉरवर्ड पार्टी की एक सीट है। वहीं अन्य के खाते में छह सीटें हैं। कांग्रेस के आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस के पास विधानसभा में सिर्फ तीन सीटे ही बची हैं। वहीं भाजपा की संख्या बढ़कर 28 हो गई।
विपक्ष के नेता माइकल लोबो ने आज ही कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल को भाजपा में विलय करने पर निर्णय लिया गया था। इसके बाद इन विधायकों ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से भी मुलाकात की थी।
राजस्थान में विफल रहा ऑपरेशन!
सीएम अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमे के बीच विवाद दिसंबर 2018 में शुरू हुआ था। नौबत तक काफी हद तक बिगड़ गई थी। कई कारणों से पायलट की नाराज़गी खुलकर सामने आई थी, जिसके बाद उनके समर्थन में कई विधायकों और सीनियर नेताओं ने बगावत कर दी थी।
इस बीच राजस्थान में भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' की चर्चा भी होने लगी। हालांकि सीएम गहलोत की सूझबूझ और आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद सरकार पर किसी तरह की आंच नहीं आई। पूर्व सीएम अशोक गहलोत कई बार सार्वजनिक मंच से भाजपा पर चुनी हुई सरकार गिराने की साजिश रचने के आरोप लगा चुके हैं। जबकि भाजपा पलटवार करते हुए उनके सभी आरोपों को नकारता रहा है।
Updated on:
14 Sep 2022, 1:55 PM IST
Published on:
14 Sep 2022, 1:42 PM IST
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