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Aaj Ka Rashifal 28 September : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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जयपुर

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Shipra Gupta

Sep 27, 2023

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक 1 और भाग्यांक 8 है। आज का दिन दो विपरीत प्रकार की ऊर्जा को एक साथ लिए हुए हैं। एक तरफ जहां मैनेजमेंट समन्वय और कार्यों को करने के लिए एक व्यवस्थित सोच के साथ आगे बढ़ेगा। वहीं दूसरी ओर दूसरी ऊर्जा परिश्रम और तकनीकी की मदद से चीजों को सही राह पर सही ऊंचाई पर ले जाने के लिए कार्य कर रही होगी। वे सभी लोग जो इन दोनों ऊर्जाओं को एक साथ सही तरीके से कम में ले पाएंगे। आज के दिन को बेहतर बना पाएंगे और किसी एक ऊर्जा को चुना उसे सेगमेंट के लिए बेहतर हो सकता है। लेकिन अगर इन दोनों विपरीत ऊर्जा के बीच खुद को उलझाना हानिकारक सिद्ध हो सकता है। बिना टकराव के शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने का रास्ता खोजें मूलांक पांच वालों के लिए आज का दिन बेहतर रहने की संभावना है।


टैरोकार्ड के अनुसार आज का कार्ड 'द हैंगडमैन' के साथ 'एट ऑफ़ वेंडस' र्है। आज के दिन में कार्यों के बीच सामंजस्य का अभाव रह सकता हैं। सस्पेंस बना रह सकता और चीज बहुत तेज गति से आने-जाने के कारण किसी भी कार्य को स्थिर चित्र से करने की इच्छा होना मुश्किल रहेगा। आसपास की चीजों में या आपकी व्यक्तिगत जीवन में हो रहे बदलाव को रोकने के ज्यादा प्रयास न करें। ऐसा ना हो की किसी ऐसे कार्य में ज्यादा ऊर्जा लगाने या ज्यादा संसाधन लगाने कारण आपको समस्याओं का सामना करना पड़े।

वैदिक ज्योतिष (मूनसाइन — सनसाइन)


सनसाइन के अनुसार आज का दिन कार्य स्थल पर आपसी टकराव का रह सकता है। एक दूसरे के विरोध में या एक दूसरे से बेहतर साबित करने की कोशिश में बहुत सी चीज उलट सकती हैं। समझदारी से जो लोग समन्वय की नीति पर चलेंगे। आज के दिन का सही उपयोग कर पाएंगे। उच्च अधिकारी अपने अधिकारों का शक्ति से उपयोग करना चाहेंगे। वही सबोर्डिनेट्स भी अपने विचार या अपने कार्यों को सही सिद्ध करने के लिए अ सहयोग का रास्ता अपना सकते हैं। स्थितियों को सुलझाना आसान नहीं होगा।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन भावनात्मक तौर पर बेहतर दिन नहीं कहा जा सकता ऐसी स्थिति में आपसी विचारों में एक दूसरे को श्रेष्ठ सिद्ध करने की होड़ में भावनात्मक संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। विवाद की स्थिति में बिना एगो दिखाएं सहयोग और समर्पण के साथ संबंधों को यथा स्थिति बनाए रखने के लिए प्रयत्न करें।


आपका सवाल

प्रश्न: अनंत चतुर्दशी में दान पुण्य का महत्व क्या है? — रिंकु कुमावत

उत्तर: सनातन संस्कृति में अनंत चतुर्दशी का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन उपवास रखने और अन्न का दान करने को अक्षय पुण्य प्राप्त करने वाला बताया गया है। वे सभी लोग जो इस दिन अन्न का दान भोजन का दान करते हैं। उन्हें यह पुन्य क्षरित नहीं होता और लगातार इस पुण्य का फल जन्म-जन्मांतर तक मिलता रहता है। उनके संकल्पित उद्देश्य पूरे होते हैं और भगवान का आशीर्वाद उन्हें मिलता है। अपने कार्यों अपने लक्ष्य में सफल होते हैं। ऐसा भगवान कृष्ण ने अपने उद्बोधन में कहा। जो भी लोग अनंत चतुर्दशी के व्रत उपवास और दान पुण्य करते हैं उन्हें बहुत सारे पुण्य की प्राप्ति होती है।

ज्यो.पं चंदन श्यामनारायण व्यास पंचांगकर्ता


मेष- अपने वाक् चातुर से कार्य बना लेंगे। व्यापार व्यवसाय में यश कीर्ति की वृद्दि होगी। खेल जगत से जुड़े जातकों के लिए समय श्रेष्ठ है। यात्रा से लाभ संभव है। समय पर कार्य करना सीखें।

वृषभ- वर्तमान समय शुभ फल देने वाला है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। बने काम बिगड़ सकते हैं। अपनी सोच को बदलें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। इष्ट आरधन सहयाक होगी।

मिथुन- संतान के विवाह की चिंता रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पूंजी निवेश से लाभ संभव। राज कार्य से जुड़े जातकों के लिए समय मिश्रित फलदायी है। अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें, नुकसान हो सकता है।


कर्क- व्यापार विस्तार की योजना सफल होगी। व्यर्थ चिंता छोड़ दें। खाद्य पदार्थ से जुड़े जातको के लिए समय अति श्रेष्ट है। समय रहते पूंजी निवेश कर दें। शत्रु वर्ग सक्रीय होगा।

सिंह- आप के व्यवहार से सहकर्मी खुश होंगे। जीवन में नई उड़ान भरने का समय आया है। पारिवारिक जानों से भेंट होगी। अनायास खर्च हो सकता है। समाजिक कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।


कन्या- धनकोष में वृद्धि होगी। अपने कॅरियर के प्रति गंभीर निर्णय लें। आत्मविश्वास की कमी के कारण गलत फैसले ले सकते हैं। मन में कई दुविधाए चल रही है। आध्यात्मिक बल से लाभ होगा।

तुला- लम्बे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद का आज अंतिम दिन है। महत्त्वपूर्ण कार्य निपटाने में लगे रहेंगे। छात्रों के लिए समय मेहनत करने वाला है। अधिक घमंड से नुकसान हो सकता है।

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वृश्चिक- कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। नौकरी की तलाश में भटकना पड़ेगा। काम पर फोकस करें। जीवन साथी का सहयोग मिलेगा। भूमि भवन क्रय करने में पूंजी लगानी पड़ सकती है।



धनु- असंजस की स्थिति से गुजर रहे हैं। शांति से फैसले ले जल्द बाजी में कोई भी कार्य न करें। वाहन क्रय करने का मन बना रहे हैं। अपनी सोच को बदले लाभ होगा। मित्रों से मुलाकात मन प्रफुल्लित करेगी।

मकर- दूसरों के लिए बुरा न सोचें। अपने आहार पर नियंत्रण रखें। पेट सम्बन्धित रोग संभव। समय कम है काम मन लगाकर करें। सफलता मिलेगी। मनचाहा जीवन साथी मिलने से मन प्रसन्न होगा।


कुम्भ- जो करना चाहिए वो करें। फालतू समय बर्बाद न करें। दूसरों की सीख में अपना नुकसान कर बैठेंगे। शान्ति से विचार कर कोई निर्णय लें। आजीविका के स्त्रोत में वृद्दि के आसार है। पूराने निवेश से लाभ होगा।


मीन- कार्य की अधिकता के कारण। जरुरी कार्य पूरे नहीं हो सकेंगे। उन्नति के पथ पर अग्रसर होंगे। अधिकारी वर्ग के लिए समय उत्तम है। दान पुण्य से मन को शांति मिलेगी।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत : 1445
मु.मास: रवि-उल-अव्वल- 12
अयन: दक्षिणायण
ऋ तु: शरद्
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 07-50 बजे तक शुभ, पूर्वाह्न 10-48 बजे से अपराह्न 03-16 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा सायं 04-45 बजे से सूर्यास्त तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-54 बजे से दोपहर 12-41 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

शुभ तिथि: चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि सायं 06-50 बजे तक, तदन्तर पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जायेगी। चतुर्दशी तिथि में अग्नि विषादिक असद् कार्य, बन्धन व शस्त्रादि दूषित कार्य करने योग्य हैं। शुभकार्यादि वर्जित हैं। क्षौर और यात्रा का त्याग करना चाहिए। पूर्णिमा तिथि में यथा आवश्यक मांगलिक कार्य करने चाहिए।

नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद ‘‘उग्र व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि 01-48 बजे तक, तदन्तर उत्तराभाद्रपद ‘‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में कारीगरी, साहस, कृषि, पशु, जल यन्त्र व विद्यादि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।


योग: गण्ड नामक नैसर्गिक अशुभ योग रात्रि 11-54 बजे तक, तदन्तर वृद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग हैं। गण्ड योग की प्रथम 6 घटी शुभकार्यों में वर्जित कही है।


विशिष्ट योग: रवियोग नामक दोष समूह नाशक शक्तिशाली शुभ योग सूर्योदय से रात्रि 01-48 बजे तक है, जो सभी तिथि-वार-नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं का नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।


करण : गर नामक करण प्रात: 08-34 बजे तक इसके बाद सायं 06-50 बजे तक वणिज नामकरण है। तदन्तर अंतरात 05-09 बजे तक भद्रा है।


व्रतोत्सव: आज अनन्त चतुर्दशी व्रत, चन्द्र पूर्णिमा व्रत, सिंजा माता पूजा प्रारम्भ (कुमारियों का), पंचक, इन्द्र गोविन्द पूजा (उड़ीसा), मेला सोढ़ल जालन्धर (पंजाब), ईद-ए-मिलाद (बारावफात) मु., आदि।

चंद्रमा: कुम्भ राशि में रात्रि 08-28 बजे तक, तदन्तर मीन राशि में रहेगा।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज विवाह का अतिआवश्यकता में (भद्रा व सूर्य वेध दोष युक्त) उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में है।


दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभपद्र है।


राहुकाल (मध्यममान से): दोपहर बाद 1-30 बजे से अपराह्न 3-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: इनके नाम (से, सो, द, दी, दू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। रात्रि 08-28 बजे तक जन्मे जातकों की जन्म राशि कुम्भ व इसके बाद जन्मे जातकों के जन्म राशि मीन है। कुम्भ राशि के स्वामी शनि देव व मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। इनका जन्म लोहपाद से है। सामान्यत: ये जातक धनी, सुन्दर, विद्यावान, कला-कुशल, स्वकार्य दक्ष व चतुर होते हैं। इनका भाग्योदय 22 वर्ष की आयु के बाद से होना प्रारम्भ हो जाता है। कुम्भ राशि वाले जातकों के ग्रह-गोचर स्थिति अच्छी नहीं हैंं। मानसिक विचलन अधिक रहेगा। अर्थ की समस्या के कारण परेशानियों से गुजरना पड़ेगा।