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6 लाख घूस लेते रंगे हाथ धरी गई महिला अफसर, बोली-‘मुझे माफ कर दो…रुपए लौटा देती हूं’

एसीबी ने वाणिज्यिक कर विभाग की सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी (एसीटीओ) प्रियंका शर्मा व उसके रिश्तेदार वेदप्रकाश शर्मा को 6.10 लाख रुपए रिश्वत के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
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जयपुर

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Kirti Verma

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Updated: 29 Jul 2023, 10:45 AM IST

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जयपुर. एसीबी ने वाणिज्यिक कर विभाग की सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी (एसीटीओ) प्रियंका शर्मा व उसके रिश्तेदार वेदप्रकाश शर्मा को 6.10 लाख रुपए रिश्वत के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार किया। 26 जुलाई को एसीबी के पास परिवादी आयरन फैक्ट्री का मालिक पहुंचा था। कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि परिवादी ने कहा फैक्ट्री, दफ्तर व बैंक खाते सीज नहीं करने की एवज में अधिकारी प्रियंका शर्मा व मध्यस्थ वेदप्रकाश शर्मा ने 6.10 लाख रुपए लिए। परिवादी आरोपियों द्वारा रिश्वत मांगने व लेने के ऑडियो-वीडियो व अन्य सबूत साथ लेकर आया। मामले की जांच एएसपी बजरंग सिंह शेखावत को सौंपी। शेखावत ने प्रियंका और मध्यस्थ के खिलाफ सबूत जुटाए । झोटवाड़ा में 28 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे वेदप्रकाश को गिरफ्तार किया।

वेदप्रकाश ने कहा कि उसने रुपए तो दीदी प्रियंका को दे दिए। तब शेखावत ने परिवादी की प्रियंका से बात कराई। इसके बाद रिश्वत की राशि मिलने की पुष्टि की। तभी झालाना स्थित विभाग के दफ्तर के बाहर खड़ी एसीबी की दूसरी टीम ने प्रियंका को गिरफ्तार कर लिया।

कमरे में बैड के कवर से मिली राशि
आरोपी प्रियंका ने एसीबी को बताया कि रिश्वत के रुपए झोटवाड़ा में सत्यनगर स्थित घर में उसके कमरे के बैड के कवर में रख दिए हैं। एसीबी की टीम ने प्रियंका की निशानदेही पर उसके घर पर बैड में से 6.10 लाख रुपए बरामद किए। इस रकम के अलावा बेड में रखे 15 लाख रुपए और बरामद किए गए।

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13.50 लाख रुपए में सौदा तय... टैक्स भी
एएसपी शेखावत ने बताया कि प्रियंका ने 6 जुलाई को परिवादी के मुरलीपुरा ऑफिस, फैक्ट्री व घर पर दबिश दी। प्रियंका ने उससे फैक्ट्री, दफ्तर और खाते सीज नहीं करने के बदले 28 लाख रुपए मांगे। सौदा 13.50 लाख रुपए में तय किया। यह भी तय हुआ कि इसी रकम से बकाया टैक्स भी जमा करवाया जाएगा। प्रियंका ने परिवादी को बताया कि 7.27 लाख टैक्स के बनते हैं। टैक्स जमा करवाने के बाद 6.19 लाख रुपए रिश्वत के. उसको देगा। मौके पर 2 हजार खुद के चालक व एक हजार रुपए गार्ड को दिलवा दिए। परिवादी ने 17 जुलाई को टैक्स जमा करवाया। 23 जुलाई को 6.10 लाख रुपए घूस के दिए ।

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‘मुझे माफ कर दो...रुपए लौटा देती हूं’
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की पकड़ में आईं वाणिज्य कर विभाग की अधिकारी प्रियंका शर्मा बोली...मुझे माफ कर दो...गलती हो गई। रुपए लौटाकर माफी मांग लेती हूं। एएसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि परिवादी ने शिकायत देते समय कहा कि उसके पिता भी सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं। पिता ने कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। परिवादी ने एसीबी को बताया कि 17 जुलाई को टैक्स की राशि जमा करवा दी। इसके बाद आरोपी प्रियंका ने कहा कि 6.10 लाख रुपए रिश्वत के दे देना। एक नंबर वाट्सऐप कर रही हूं। इस नंबर पर बात कर रुपए पहुंचा देना। आरोपी ने रिश्तेदार वेदप्रकाश शर्मा के नंबर दिए। परिवादी ने 25 जुलाई को वेदप्रकाश से संपर्क कर रिश्वत के 6.10 लाख रुपए उसे दे दिए। परिवादी ने शुरू से लेकर अंत तक आरोपियों से बातचीत और रुपए देने के संबंध में सारे सबूत जुटाए।