
जयपुर। भीषण गर्मी से बेहाल लोगों को बुधवार को बरसात थोड़ी राहत तो दे गई लेकिन ज्योतिषियों का कहना है कि इस बारिश ने आगामी मानसून में खण्ड वृष्टि का संकेत दिया है। ज्योतिषी पंडित केदारनाथ दाधीच ने बताया कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में आने पर नौतपा शुरू होता है।
इन 9 दिनों की स्थिति से मानसून का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बार 25 मई को दोपहर 2.10 बजे नौतपा शुरू हुआ था। इस बार नौतपा के दौरान मात्र 6 दिन में ही तेज वर्षा हो गई, जिससे आगामी मानसून में खंड वृष्टि का संकेत मिलता है।
अल्पवृष्टि का संकेत इसलिए
नौतपा के 9 दिन में तेज बरसात हो जाए तो ज्योतिष शास्त्र में इसे रोहिणी का गलना भी कहते हैं। इस बार 6 दिन में ही रोहिणी गल गई है। पंडित दाधीच ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का परिभ्रमण धरती का तपनकाल कहलाता है।
इस दौरान रोहिणी नक्षत्र के 3 चरण में सूर्य का परिभ्रमण होने तक तेज वर्षा, आंधी, तूफान नहीं आए तो श्रेष्ठ वर्षा का योग बनता है। लेकिन रोहिणी नक्षत्र के तीन चरण में परिभ्रमण के बीच तेज वर्षा से रोहिणी गल गई है, जो खंडवृष्टि का संकेत देती है।
14 दिन का नौतपा, 9 दिन प्रमुख
ज्योतिषी पंडित गोविन्द शर्मा ने बताया कि नौतपा की अवधि 14 दिन की है लेकिन शुरुआत के 9 दिन की स्थिति मानसून का हाल जानने के लिए प्रमुख होती है। इस दौरान भीषण गर्मी पड़े तो श्रेष्ठ, बारिश व आंधी-तूफान आए तो खंडवृष्ठि और पूरे 9 दिन बारिश व आंधी-तूफान रहे तो वर्षा की कमी का योग माना जाता है।
6 दिन आसमान से बरसे अंगारे
पिछली 25 मई को नौतपा शुरू होने के साथ ही प्रदेश में भीषण गर्मी रही। ज्यादातर जिलों में तापमान ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बूंदी, चूरू, फतहपुर आदि जिलों में तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंच गया।
Updated on:
31 May 2018 11:27 am
Published on:
31 May 2018 10:57 am
