
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan High Court Order : राजस्थान हाईकोर्ट ने बेटी के 12वीं कक्षा में पढ़ने के आधार पर मार्च 2026 तक उसके पिता भारत संचार निगम अधिकारी का मौजूदा स्थान से तबादला नहीं करने को कहा है। कोर्ट ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की कि केन्द्र व राज्य सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही हैं और अधिकारी लड़कियों की जरूरतों के प्रति उदासीन हैं।
न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने पुष्कर नारायण शर्मा की याचिका पर यह आदेश दिया। अधिवक्ता शोभित व्यास ने बताया कि बीएसएनएल ने याचिकाकर्ता का तबादला राजस्थान सर्कल से कर्नाटक सर्कल में कर दिया। याचिकाकर्ता ने तबादला नीति का हवाला देकर कहा कि बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ रही है, इस कारण मार्च 2026 तक मौजूदा पद पर बनाए रखा जाए।
अधिवक्ता शोभित व्यास ने बताया कि दूरसंचार विभाग और केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने याचिकाकर्ता का आग्रह अस्वीकार कर दिया। न्यायाधिकरण ने इस आधार पर आवेदन खारिज कर दिया कि वह 23 साल से यहां कार्यरत है और विभाग देशभर में उसका तबादला कर सकता है।
कोर्ट ने कहा कि बीएसएनएल उपमंडल अभियंता का दूसरे राज्य में तबादला होने से पूरा परिवार प्रभावित होगा। कोर्ट ने इस मामले में अभियंता को राहत नहीं देने के केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के आदेश को रद्द कर दिया।
Updated on:
19 Sept 2025 09:02 am
Published on:
19 Sept 2025 09:02 am
