
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा। फाइल फोटो पत्रिका
CAG Report : प्रदेश में मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने की गति पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले धीमी रही। राजस्व लक्ष्य प्राप्ति की पिछले वित्तीय वर्ष की रफ्तार बरकरार रहती तो प्रदेश को एक हजार करोड़ रुपए अधिक मिल जाते। नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) के मासिक आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष में अप्रेल से जून के अंत राज्य को 53124.54 करोड़ रुपए राजस्व मिला, जो वित्तीय वर्ष के अनुमानित लक्ष्यों का 18.04 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि में सालाना अनुमानित लक्ष्यों का 18.39 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हो गया था। मौजूदा वित्तीय वर्ष में जीएसटी, स्टांप एवं पंजीयन तथा आबकारी के राजस्व लक्ष्य प्राप्ति की रफ्तार पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले पीछे है।
1- प्रदेश के खजाने में आई कुल राशि- 70327.80 करोड़ रुपए
2- करों से प्राप्त राजस्व- 45664.34 करोड़ रुपए
3- खनन आदि से प्राप्त राजस्व (करों के अतिरिक्त)- 4492.01 करोड़ रुपए
4- ऋण आदि के रूप में आए- 17175.70 करोड़ रुपए।
1- जीएसटी से 10606.10 करोड़ रुपए
2- स्टांप व पंजीयन फीस से 2896.95 करोड़ रुपए
3- आबकारी शुल्क से 3860.69 करोड़रुपए
विषम भौगोलिक परिस्थितियां चुनौती हैं, लेकिन अब रिफाइनरी से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य व परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी काफी संभावना है, लेकिन सरकारी नौकरियां नहीं मिल रहीं। कर्नाटक, गुजरात जैसे राज्यों में मजबूत आधारभूत ढांचा है, राजस्थान भी इस पर ध्यान दे।
डॉ. सच्चिदानंद मुखर्जी, प्रोफेसर, राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान
Updated on:
10 Aug 2025 02:31 pm
Published on:
10 Aug 2025 02:30 pm
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