
Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बांटी जा चुकी चार किताबों को वापस मंगवाने के आदेश जारी किए हैं। इनमें से एक किताब में 2002 के गोधराकांड का जिक्र है। इस मामले की आंच अब सियासी गलियारों तक पहुंच गई है। क्योंकि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व शिक्षा मंत्री रहे कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा पर इन किताबों का चयन करने का आरोप लगाया है।
इसके बाद गोविंद सिह डोटासरा ने मदन दिलावर को चुनौती देते हुए कहा है कि या तो वो इन आरोपों के साक्ष्य राजस्थान की जनता के सामने रखें या अनर्गल आरोप के लिए माफी मांगे।
कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चुनौती देते हुए कहा कि, राजस्थान के निकृष्ट शिक्षा मंत्री अपने 'पाप' को छिपाने के लिए सफेद झूठ बोलकर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। आए दिन बेतुके बयान, तथ्यहीन एवं निराधार आरोप लगाकर वो प्रदेश को शर्मसार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने शिक्षा मंत्री रहते हुए ना किसी पुस्तक का अनुमोदन किया, ना कोई पुस्तक खरीदने का आदेश दिया और ना ही ऐसी किसी एजेंसी का चयन किया। डोटासरा ने मदन दिलावर को चुनौती देते हुए कहा कि मैं सार्वजनिक रूप से उन्हें चुनौती देता हूं कि वो इन आरोपों के साक्ष्य राजस्थान की जनता के सामने रखें या अनर्गल आरोप के लिए माफी मांगे।
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री दिलावर ने डोटासरा पर ही इस किताब का चयन करने का आरोप लगाया था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा था कि, “पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के वक्त स्कूली बच्चों को किताबों में हत्यारों का महिमा-मंडन पढ़ाया गया। ऐसे में इस तरह की विवादित किताबों को फिर से मंगाया जाएगा, ताकि बच्चे गलत शिक्षा हासिल ना करें।”
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि, “जब इन किताबों को पढ़ा गया तो पता चला कि गोधरा में जो हुआ था, उसकी नेगेटिव जानकारी दी गई है। किताबों में अपराधी को अच्छा बताया गया है, ऐसे में किताबों में गोधरा कांड के हत्यारों के महिमा मंडन का प्रयास किया गया है, जो सही नहीं है। ऐसे में विवादित किताब को वापस मंगा लिया गया है। ऐसे में अब बच्चे विवादित मुद्दों को नहीं पढ़ेंगे।”
दरअसल, राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बांटी जा चुकी चार किताबों को वापस मंगवाने के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया में बयान जारी कर पिछली कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वो कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई जा रही ‘चिट्टी एक कुत्ता और उसका जंगल फॉर्म’ और कक्षा 11वीं, 12वीं में पढ़ाई जा रही ‘अदृश्य लोग – उम्मीद और साहस की कहानी’ और ‘जीवन की बहार’ की सभी कॉपियों को वापस मंगवायी जाए।
Updated on:
31 Oct 2024 07:17 am
Published on:
31 Oct 2024 07:17 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
