31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक बार फिर सीबीएसई ने लिया एक्शन,स्कूलों में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की गाइडलाइन अनिवार्य

विद्यालयों में हो रही घटनाओं को देखते हुए सीबीएसई ने फिर से एक्शन लिया है। जिसके तहत स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरि
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Rajesh

•

Updated: 3 Oct 2017, 10:03 AM IST

CBSE

जयपुर

सीबीएसई ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की गाइड लाइन को सभी संबद्ध स्कूलों के लिए अनिवार्य किया है। विद्यालयों में हो रही घटनाओं को देखते हुए सीबीएसई ने एक बार फिर से एक्शन लिया है। जिसके तहत स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की गाइडलाइन को सभी सीबीएसई के विद्यालयों में लागू कर दिया है। डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की ओर से यह गाइडलाइन फरवरी-2016 में जारी की गई थी। जिसमें अनुसार स्कूल में आपदा आने की स्थिति में किस तरह से बचा जा सकता है यह बताया गया है।

साथ ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर चेतावनियां व सुझाव भी दिए हैं। इसके साथ ही सीबीएसाई ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए है कि वह स्कूल की लैब्स और भवन में ऐसे उपकरण भी लगाए जिससे भवन में आग लगने की स्थिति में कोई भी नुकसान नहीं हो पाए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त हुआ सीबीएसई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इससे पहले गत माह ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए है। जिसमें सीबीएसई ने निर्णय लिया है कि बोर्ड विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगा।


जहां पर पहुंच कर बच्चों का फीडबैक भी लेगा और उनसे जानेगा कि उनके विद्यालय में उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है। साथ ही सीबीएसई विद्यालयों की तीन स्तर पर जांच होगी। इसके अलावा बालवाहिनियों के चालक परिचालक का पुलिस वेरिफिकेशन, बाल वाहिनियों में सुरक्षा उपकरण सहित कई दिशा निर्देश जारी किए थे। इसके साथ ही बच्चों के साथ बढ़ रही लैंगिग अपराध की घटनाओं को देखते हुए सीबीएसई ने कोमल मूवी दिखाकर बच्चों को देगा गुड टच और बैड टच की जानकारी देने का भी फैंसला लिया है। इसके लिए बोर्ड ने सभी विद्यालयों को सर्कुलर जारी कर कोमल मूवी दिखाने को कहा है। सीबीएसई का मानना है कि यह मूवी दिखाई जाना जरूरी है जिससे बच्चों में अवेयरनेस आ सके।