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शिक्षा नीति में बदलाव के लिए मंथन शुरू, सुझावों से बनेगी नई शिक्षा नीति

शिक्षा नीति में बदलाव लाने के लिए मंथन शुरू हो चुका है। आज के दौर में अप्रसांगिक हो चुकी पुरानी नीति की जगह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने को लेकर देशभर से सुझाव मांगे जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति में न केवल शैक्षणिक वरन शिक्षा के हर स्तर को प्रभावी बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
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aniket soni

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Updated: 14 Jul 2015, 12:09 PM IST

शिक्षा नीति में बदलाव लाने के लिए मंथन शुरू हो चुका है। आज के दौर में अप्रसांगिक हो चुकी पुरानी नीति की जगह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने को लेकर देशभर से सुझाव मांगे जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति में न केवल शैक्षणिक वरन शिक्षा के हर स्तर को प्रभावी बनाने के लिए काम किया जा रहा है।

वर्तमान में हम 1986 में बनी शिक्षा नीति के पथ पर चल रहे हैं। जानकारों की मानें तो डिजीटल इंडिया जैसे सपने को साकार करने के लिए शैक्षणिक स्तर को भी बदलने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर मुहिम शुरू की गई है। खास बात यह है कि इस मुहिम में केवल चंद लोग नहीं वरन हर राज्य मे ग्रामीण स्तर तक के लोग अपने सुझाव देंगे।

इसमें प्रारम्भिक से लेकर उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सभी सुझाव देंगे। इसी तर्ज पर जिले में होने वाली बैठकों का भी समय निर्धारित किया गया है। साथ ही ग्रामीण स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बेहतर सुझाव एकत्रित करने के लिए कमेटियों का गठन किया गया है, जिन्होंने काम शुरू कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि मिले सुझाव उच्चस्तर की कमेटी के समक्ष रखे जाएंगे, जहां इन पर चर्चा करते हुए आगामी कार्रवाई होगी।

3 विषयों पर विशेष जोर

वर्तमान बदलते दौर को देखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में तीन प्रमुख विषयों पर विशेष जोर दिया गया है। इनमें अंग्रेजी, विज्ञान व गणित विशेष रूप से शामिल हैं। इन विषयों की पढ़ाई को व्यवहारिक तथा प्रभावी बनाने के लिए भी सुझाव मांगे गए हैं।

यहां से आगाज

ग्राम पंचायत स्तर की बैठकों का आगाज सोमवार से हो गया। इसके तहत पहले दिन सेवर, नदबई व वैर में बैठक हुई। जबकि, बयाना, रूपवास, कुम्हेर की मंगलवार को तथा डीग, कामां, पहाड़ी व नगर की बैठक 15 जुलाई को होगी। इसी प्रकार सेवर, नदबई, वैर, बयाना रूपवास पंचायत समिति की 16 को तथा कुम्हेर, डीग, कामां, पहाड़ी व नगर पंचायत समिति की 17 जुलाई को बैठक होगी।

जिला स्तर पर चर्चा 28 जुलाई को तथा नगर निगम व नगर पालिकाओं में 7 अगस्त को बैठक कर सुझाव मांगे जाएंगे। बैठक में पारित प्रस्ताव की रिपोर्ट तैयार करके इसे द्व4द्दश1.द्बठ्ठ पर अपलोड
करना होगा।

चर्चा के ये हैं थीम
  • प्रारम्भिक शिक्षा में अधिगम परिणाम सुनिश्चित करना
  • माध्यमिक व वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच का विस्तार
  • व्यवसायिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण
  • स्कूल परीक्षा पद्विति में सुधार
  • गुणवत्तापरक अध्यापक के लिए अध्यापक शिक्षा में सुधार
  • प्रोढ़ शिक्षा व राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी प्रणाली के माध्यम से महिलाओं, अनु. जाति, अनु. जनजाति, अल्पसंख्यक पर विशेष ध्यान देकर ग्रामीण साक्षरता में तेजी लाना
  • स्कूल व प्रौढ़ शिक्षा में सूचना एवं संचार प्रोद्योगिकी प्रणाली का संचार
  • स्कूल शिक्षा में विज्ञान, गणित व प्रोद्योगिकी के शिक्षण के लिए नए ज्ञान, शिक्षा शास्त्रों व मार्ग।
  • स्कूल मानक, स्कूल आंकलन व प्रबंधन पद्वितियां
  • समावेषी शिक्षा को समर्थ बनाना।
  • भाषाओं का संवर्धन।
  • व्यापक शिक्षा- नीति, शारीरिक शिक्षा, कला और क्राफ्ट, जीवन।
  • बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस।
  • गुणवत्ता के लिए अभिशासन सुधार।
  • संस्थाओं का प्रत्यायन और रैकिंग।
  • विनियमन की गुणवत्ता में सुधार करना।
  • केंद्रीय संस्थाओं की गतिनिर्धारक भूमिकाएं।
  • राज्यसार्वजनकि विश्वविद्यालय में सुधार।
  • ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहन।
  • प्रोद्योगिकी समर्थित शिक्षण के लिए अवसर।
  • क्षेत्रीय असमानता का समाधान
  • उच्च स्तर शिक्षा को समाज से जोडऩा।
  • सर्व श्रेष्ठ शिक्षक तैयार करना।
  • सतत छात्र सहायता प्रणाली।
  • निजी क्षेत्र के साथ सार्थक भागीदारी।
  • उच्च स्तर शिक्षा का वित्त पोषण।
  • शिक्षा को रोजगार से जोडऩे के लिए उद्योगों से सम्बंध।
  • अनुसंधान और नवाचार संवधर्न तथा नवज्ञान

इन कमेटियों का गठन
  • ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम शिक्षा समिति बनी है। इसमें पंचायत मुख्यालय के सबसे बड़े स्कूल के प्रधान प्रभारी।
  • पंचायत समिति स्तर पर शिक्षा समिति बनी है। समिति में एसडीएम प्रभारी, बीडीओ प्रभारी अधिकारी।
  • जिला स्तर पर शिक्षा समिति बनाई गई है। इसमें जिला कलक्टर प्रभारी, सीईओ प्रभारी अधिकारी।
  • नगर निगम भरतपुर पर बनी शिक्षा समिति में सीईओ प्रभारी, डीईओ प्रारम्भिक सहायक प्रभारी।
  • नगरपालिका स्तर पर बनी शिक्षा समिति में पालिका के कार्यकारी अधिकारी को प्रभारी, बीईईओ सहायक प्रभारी बने हैं।
लेंगे सभी के सुझाव

भरतपुर जिला कलक्टर रवि जैन ने कहा कि निचले स्तर तक के लोगों के सुझाव लेकर सरकार को भेजेंगे। जिससे जन भावनाओं के अनुरूप शिक्षा नीति तैयार हो सके।