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‘खाचरियावास… बब्बर शेर’, पूर्व मंत्री के घर ED की रेड को लेकर बचाव में उतरी कांग्रेस, प्रताप बोले- ‘400 बार ऐसी की तैसी’

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के ठिकानों पर ईडी कार्रवाई को लेकर अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट और टीकाराम जूली ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है।
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जयपुर

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Lokendra Sainger

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Updated: 15 Apr 2025, 4:23 PM IST

khachariyawas on ed raid

khachariyawas on ed raid

राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के 19 ठिकानों पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय छापे मार रही है। बताया जा रहा है कि मामला रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पर्ल एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PACL) में हुए 48 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। इस मामले को लेकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर जमकर बोला है। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जा रही कार्रवाई बताया।

ईडी की कार्रवाई को लेकर मीडिया से बातचीत में प्रताप सिंह खाचरियावास ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'बजरी में घोटाला… आईफा में घोटाला… माइनिंग में घोटाला यह करते हैं। इस मामले में सजा कौनसी मिल गई सजा तो कोर्ट देता है। ना मैं डरा हूं और ना ही डरूंगा… ऐसी की तैसी 400 बार।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया के माध्यम से ईडी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'क्योंकि प्रताप सिंह खाचरियावास भाजपा सरकार द्वारा आईफा के नाच गाने में उड़ाए 100 करोड़ रुपए पर तीखे सवाल पूछ रहे हैं। क्योंकि जयपुर का बेटा उन 100 करोड़ रुपए के लिए सवाल पूछ रहा है, जो कांग्रेस सरकार ने आराध्य देव गोविन्द देव जी के मंदिर कॉरिडोर व भव्यता के घोषित किए थे।

BJP ने ED को बनाया फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन- डोटासरा

उन्होंने कहा कि क्योंकि प्रताप सिंह खाचरियावास चुनाव हारने के बाद जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं, हर मुद्दे पर सरकार को आईना दिखा रहे हैं। बदले की भावना से की गई इस कार्रवाई की मैं कड़ी निंदा करता हूं। खाचरियावास जी, कांग्रेस के बब्बर शेर हैं। डरेंगे नहीं, डटकर लड़ेंगे और जीतेंगे। भाजपा ने ED को अपना फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन बना लिया है। आज सरकारी एजेंसियों का काम सिर्फ राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और जनता की बात करने वाले नेताओं को डराने-धमकाने का रह गया है।

डोटासरा ने आगे लिखा कि पिछले 11 वर्ष में मोदी सरकार ने भाजपा के कितने नेताओं पर ED की कार्रवाई की? सिर्फ विपक्ष के नेताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है? भाजपा ने जिन नेताओं को भ्रष्टाचारी बताया, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद क्या उन 'भ्रष्टाचारी' नेताओं पर सरकार ने कार्रवाई की? सत्ता की गोद में बैठने वाले कितने नेताओं पर कार्रवाई हुई? सरकार जवाब दें।

राजनीतिक उद्देश्य से मारे छापे- गहलोत

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के निवास पर ED की रेड की कार्रवाई निंदनीय है। 2020 में राजस्थान में कांग्रेस सरकार गिराने के प्रयास के समय भाजपा का मुखरता से विरोध करने पर खाचरियावास से ED ने केवल प्रताड़ित करने के उद्देश्य से 12 अगस्त 2020 को 7-8 घंटे लम्बी पूछताछ की थी। क्योंकि वो राजस्थान की भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं तो फिर से ED ने दस्तक दे दी है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व हमारे प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के घर, तत्कालीन विधायक ओम प्रकाश हुडला के घर भी राजनीतिक उद्देश्य से ED ने छापे मारे थे। तब भी ED एक्सपोज हुई थी। अब केंद्रीय जांच एजेंसियों की विपक्ष के नेताओं पर ऐसी कार्रवाई से किसी को भी अचंभा नहीं होता है। इन एजेंसियों का पूरा राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है और आम जनता के बीच भी यह साफ होता जा रहा है कि कांग्रेस के नेताओं को राजनीतिक लाभ के लिए टारगेट किया जाता है।

राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा- पायलट

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एक्स पर लिखा कि पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के निवास पर की गई ED की कार्रवाई सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है। जिस प्रकार से विपक्ष के नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह साफ संकेत है कि राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है। हमारा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास है और संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जनता के हक और आवाज़ को बुलंद करने के लिए कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी।

राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई- जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी भाजपा पर हमलवार होते हुए कहा कि पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास जी मुखरता से भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसी से डरकर भाजपा सरकार ने केन्द्रीय एजेंसियों को उनके घर भेज दिया है। 2020 में भी उन्हें इसी तरह परेशान करने का प्रयास हुआ था। प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जा रही यह कार्रवाई निंदनीय है।

क्या है पूरा मामला… ?

राजस्थान में 17 वर्ष तक रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ निवेश किए थे. जबकि देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। कंपनी पर बिहार, महाराष्ट्र, MP, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर, आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले जयपुर में एफआईआर दर्ज हुई थी। बताया जा रहा है कि इस केस में प्रताप सिंह की भागीदारी करीब 30 करोड़ की बताई जा रही है।

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