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दिल्ली में बनी सरकार, राजस्थान में हुआ भाजपा की योजनाओं पर प्रहार, कांग्रेस स्कूलों में नहीं पढ़ाएगी सरकारी योजनाएं!

कक्षा 9 से 12वीं तक चलने वाली समाजोपयोगी योजनाओं की किताब पर अभी रोक
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 30 May 2019, 9:18 PM IST

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दिल्ली में बनी सरकार, राजस्थान में हुआ भाजपा की योजनाओं पर प्रहार, कांग्रेस स्कूलों में नहीं पढ़ाएगी सरकारी योजनाएं!

जया गुप्ता / जयपुर। प्रदेश में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की ओर से चलाई गई योजनाओं को कांग्रेस सरकार ( Congress Government ) स्कूली किताबों से हटाएगी। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक फैसला नहीं किया गया है, लेकिन जिन किताबों में ये योजनाएं शामिल थी, उनको अभी स्कूलों में नहीं बांटा जा रहा है। इन किताबों को अभी तक छापा भी नहीं गया है। जबकि अधिकांश स्कूलों में अन्य किताबें बांट दी गई हैं।

पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने जल स्वावलंबन ( Jal swavalamban ), भामाशाह योजना ( bhamashah yojna ), स्वच्छता अभियान आदि पर बच्चों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के लिए 9 से 12वीं तक समाजोपयोगी योजनाओं के नाम से किताबें चला रखी थी। इन किताबों की न तो परीक्षा होती थी और न ही नंबर जोड़े जा रहे थे। केवल योजनाओं की जानकारी के लिए ही ये किताबें चलाई गई थीं।

मंत्री बोले, कमेटी की रिपोर्ट नहीं आई
मामले पर शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasara ) ने बताया कि इन किताबों पर अभी तक पाठ्यक्रम समिति की रिपोर्ट नहीं आई है। इस कारण किताबों को रोका गया है। रिपोर्ट ही बताएगी कि भविष्य में ये किताबें चलाई जाएंगी या नहीं।

जौहर और वीर सावरकर पर हुआ विवाद
सरकार बदलने के साथ ही स्कूलों की किताबों में पाठ्यक्रम बदलने का दौर शुरू हुआ। सबसे पहले आठवीं कक्षा में अंग्रेजी विषय की किताब के पहले अध्याय में अब तक रानी पद्मावती और अन्य महिलाओं के जौहर का चित्र था। उसे सरकार ने हटा दिया। जौहर की जगह अब केवल दुर्ग का चित्र लगाया गया है। भाजपा नेताओं ने इसे सतीत्व का अपमान बताया था। वहीं, सावरकर और महाराणा प्रताप सहित अन्य के जीवन चरित्र को लेकर किए गए बदलाव का विरोध किया गया था।

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