
जितेन्द्र रांगेय / जयपुर . दीपावली के नजदीक आते ही राजधानी में पटाखों की दुकानों के लिए कवायद शुरू हो गई है। इस बार पिछले साल की तुलना में पटाखों की दुकानों के लिए आवेदन कम मिले हैं। पटाखों की दुकान के लाईसेंस के लिए इस बार जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में 1836 लोगों ने आवेदन किए हैं। हालांकि पिछले वर्ष के तुलना में इस बार 364 आवेदन कम आए है। पिछले वर्ष करीब 2200 आवेदन आए थे। आवेदनों की जांच प्रक्रिया अभी चल रही है। शहर में पटाखों की 110 स्थाई दुकानें है।
जानकारी के मुताबिक कमिश्नरेट के डीसीपी ईस्ट कार्यालय में जिले से इस बार 488 और साउथ में 346 आवेदन आए है। वहीं नोर्थ जिले में 237 और वेस्ट जिले में सबसे अधिक 765 लोगों ने पटाखों की बिक्री के लाईसेंस के लिए आवेदन किया है। आवेदनों को जांच के लिए संबंधित थानों को भेजा गया है। थाना पुलिस की जांच के बाद सभी आवेदनों को जांच के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पास भेजा जाएगा। पुलिस और अग्निशमन विभाग की जांच पूरी होने के बाद सही पाए गए आवेदनों को पुलिस कमिश्नरेट की लाईसेंसिग शाखा में भेजा जाएगा। पटाखों की दुकानों के लाईसेंस जारी करने के लिए पुलिस कमिश्नर अधिकृत है।
लाईसेंसिंग शाखा में पुलिस कमिश्नरेट के चारों जिलों से जांच पूरी होने के बाद आवेदन आने के बाद ही स्थिति साफ हो पायेगी कितने लोगों को लाईसेंस जारी होगें। इस महिने में लाईसेंस जारी हो जायेंगे।
जगदीश प्रसाद व्यास, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
पटाखों के लाईसेंस से संबंधित जांच में विस्फोटक अधिनियम 1984 की पालना होनी चाहिए, जिसमें प्रस्तावित दुकान के आसपास पेट्रोल पंप, गैस गोदाम या ऐसी कोई जगह नहीं होनी चाहिए, जहां आग लगने की आशंका हो।
जलज घसिया, कार्यवाहक, सीएफओ
Published on:
19 Sept 2017 08:57 pm
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