1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बेटियों को ऑफिस लाने के लिए अभिभावकों में उत्साह

राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश की जयंती 20 मार्च को बिटिया एट वर्क के रूप में मनाने का हर तरफ स्वागत किया जा रहा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा भागीदारी को लेकर अभिभावकों में उत्साह है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Rakesh Mishra

•

Updated: 18 Mar 2024, 1:40 PM IST

daughter_at_work.jpg

राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश की जयंती 20 मार्च को बिटिया एट वर्क के रूप में मनाने का हर तरफ स्वागत किया जा रहा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा भागीदारी को लेकर अभिभावकों में उत्साह है।

बढ़ेगा आत्मविश्वास
पत्रिका का यह अभियान बहुत ही सराहनीय है। इस दिन बेटियों को अपने माता-पिता के ऑफिस में जाकर उनकी कार्यशैली को समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें पता चलेगा कि माता-पिता के कार्य से किन लोगों को किस क्षेत्र में मदद मिलती है। इससे बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
सपना वैद, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर

समझेंगी जिम्मेदारी
बिटिया एट वर्क अभियान के तहत मैं सभी से अपील करती हूं कि वे 20 मार्च को अपने कार्यस्थल पर बेटी को जरूर लेकर जाएं और उसे अपनी कार्यशैली से रूबरू कराएं। कार्यस्थल पर बेटी को माता-पिता के काम से जुड़ी जिम्मेदारी और उसके प्रति लगाव देखने को मिलेगा। माता-पिता के कार्य के बारे में कई बार बेटियों को पता नहीं होता, यहां जाने से उनके कार्य को लेकर एक तस्वीर नजर आएगी।
ऋचा मीना, एक्ट्रेस

क्या है बिटिया एट वर्क
पत्रिका समूह के सामाजिक सरोकारों की श्रृंखला में बेटियां अपने माता-पिता के कार्य स्थलों पर जाकर उनकी सीट पर बैठकर उनके कार्यों को समझने का प्रयास करती हैं। इसका उद्देश्य बेटियों को आगे बढ़ाना है। अभिभावक इस पल के फोटो, वीडियो और अनुभव तय फॉर्मेट में पत्रिका के साथ शेयर करते हैं, जिन्हें पत्रिका के प्रिंट से मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यथोचित स्थान दिया जाता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहें राजस्थान पत्रिका।

यह भी पढ़ें- हमराह: गीत, संगीत और खेल के साथ सुहानी सुबह