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जयपुर पहुंचा दिल्ली का स्मॉग! जहरीली हुई गुलाबी नगर की भी फिजा,राजधानी में AQI का लेवल पहुंचा 500 के पार

पंजाब—हरियाणा में धान की फसल जलाने से उत्पन्न धुंआ जयपुर की हवा में घुल गया है,आज जयपुर में AQI 500 को पार कर गया। इससे फिजा ज्यादा जहरीली हो गई है।
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जयपुर

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Rajesh

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Updated: 13 Nov 2017, 11:04 AM IST

Delhi poisonous smog Reached Jaipur, AQI level reached 500 in Pinkcity

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के हवा में प्रदूषण का स्तर मापने वाले राजवायु एप पर एक्यूआई आज सुबह 500 के पार हो गया, जिसे खतरनाक स्तर माना जाता है। जयपुर में 2.5 एमएम वाले पार्टिकल्स का लेवल 500 के पार हुआ है। इसका मतलब ये है कि बारीक धुएं के कण जयपुर की हवा में ज्यादा है। जबकि 10 एमएम वाले पार्टिकल्स का स्तर 189 ही है। कल 10 एमएम पार्टिकल्स का स्तर 329 तक पहुंच गया था। आमतौर पर जयपुर में 10 एमएम वाले पार्टिकल्स का प्रदूषण ही 400 के पास पहुंचता रहा है। लेकिन ऐसा संभवत: पहली बार हुआ है जब 2.5 एमएम पार्टिकल्स का स्तर 500 के पार हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल से मिली जानकारी के अनुसार 2.5 एमएम पार्टिकल्स की हवा में मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत हैं पंजाब—हरियाणा में धान की फसल जलाने से उत्पन्न धुंआ जयपुर की हवा में घुल गया है।

दिखते नहीं, महसूस होते हैं -

2.5 एमएम पार्टिकल्स प्रदूषण नियंत्रण मंडल की क्वालिटी कंट्रोल विंग के अधिकारियों का कहना है कि जयपुर की हवा में 2.5 एमएम पार्टिकल्स का स्तर बढ़ गया है। इन कणों का आकार छोटा होने के कारण ये ज्यादा दिखते नहीं है। धूप खिलने पर तो 2.5 एमएम पार्टिकल्स बहुत कम नजर आते हैं। सुबह के वक्त जब धुंध होती है, तब इन्हें देखा जा सकता है। आज सुबह जब धुंध थी, उस वक्त इसका असर नजर आया था। 2.5 एमएम पार्टिकल्स दिखने की बजाय महसूस ज्यादा होते हैं। आज सांस लेने पर हवा में धुंए की मौजूदगी महसूस हो रही है। जबकि दोपहिया वाहन चलाते वक्त आंखों में जलन से भी प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर का पता चल रहा है। जयपुर में धुंध बढ़ेगी तो हवा में मौजूद प्रदूषण दिखने लगेगा।

क्या है AQI लेवल -

आपको बता दें कि हवा में 2.5 एमएम और 10 एमएम साइज के पार्टिकुलर मैटर यानी धूल या धुंए के कणों की मौजूदगी को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) कहते हैं। इनके साथ नाइट्रोन कार्बन डाईआॅक्साइड, ओ3, कार्बन आॅक्साइड, एनएच3 और एसओ2 गैसों की मौजूदगी को भी मापा जाता है। एक्यूआई में 2.5 एमएम और 10 एमएम आकार वाले धुंए या धूल कणों की संख्या सबसे ज्यादा रहती है।

ये है AQI का मतलब -

0 से 100 — अच्छा , 101 से 200 — ठीकठाक , 201 से 300 — खराब, 301 से 400 — बहुत खराब , 400 से 500— खतरनाक वर्जन। राजवायु एप राजस्थान के प्रमुख शहरों का आॅनलाइन एक्यूआई डेटा देता है, यदि एप पर 2.5 एमएम पार्टिकल्स का स्तर 500 पार चला गया है, तो इसका मतलब है कि हवा में प्रदूषण बढ़ गया है। यह दिल्ली में स्मॉग का असर भी हो सकता है। इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। रामप्रकाश वर्मा, एसएसओ (लैबोरेट्री), प्रदूषण नियंत्रण मंडल