29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षाएं कराना मुश्किल

विश्वविद्यालयों में स्कैनर और कंप्यूटर जैसे नहीं हैं संसाधन
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Nitin Sharma

•

Updated: 26 Apr 2020, 8:50 PM IST

विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षाएं कराना मुश्किल

विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षाएं कराना मुश्किल


जयपुर। राज्य के विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षाएं होना मुश्किल हैं। विश्वविद्यालयों के पास स्कैनर, ई-पेपर और कंप्यूटर लैब जैसे संसाधन ही नहीं हैं। इसके साथ विषयवार पेपर बनाना और निर्बाध ऑनलाइन कनेक्टिविटी भी चुनौती है। यूजीसी ने प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने देश के संसाधनों वाले विश्वविद्यालयों में बकाया परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का सुझाव दिया है। प्रो. राव कमेटी के सुझाव पर राजस्थान के विश्वविद्यालय खरे नहीं उतरते हैं।

कभी नहीं कराई ऑनलाइन परीक्षाएं

राज्य में 28 सरकारी और 51 निजी विश्वविद्यालय हैं। सरकारी विश्वविद्यालयों में पिछले 70 साल में वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं पारम्परिक तरीके से हो रही हैं। स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं के पेपर और कॉपियां कॉलेज में पहुंचाई जाती हैं। विद्यार्थी टाइम टेबल के अनुसार विषयवार पेपर देते हैं। इन कॉपियों की परीक्षक जांच करते हैं। जिसके आधार पर विश्वविद्यालय परिणाम जारी करते हैं।

इसलिए मुश्किल

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग