7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आराध्य देव गोविन्द देवजी मंदिर में फागोत्सव पर जाने इस बार क्या होगा खास

परंपरागत फागोत्सव 23 से होगा शुरू, हाजरी लगाएंगे 300 कलाकार, लट्ठमार होली रहेगी खास
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Pushpendra Singh Shekhawat

•

Updated: 22 Feb 2018, 3:00 PM IST

jaipur

जयपुर। छोटीकाशी में फाल्गुन की रंगत अब जमने लगी है। मंदिरों में फागोत्सवों के आयोजनों में श्रद्धालु फूल, गुलाल, अबीर से ठाकुरजी संग होली खेलते दिख रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के आराध्य देव गोविन्द देवजी में फागोत्सव की शुरूआत 23 फरवरी से होगी। इसमें 25 फरवरी तक सुप्रसिद्ध कलाकार गोविन्द के दरबार में हाजरी लगाएंगे।

कार्यक्रम संचालक सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि फागोत्सव की शुरूआत के साथ ही तीन दिन तक पर परागत कार्यक्रम होंगे। इसमें करीब 300 कलाकार गायन, वादन एवं नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से ठाकुरजी को रिझाएंगे। महंत अंजनकुमार गोस्वामी के सान्निध्य में होने वाले फागोत्सव में गिरधारी महाराज, रूपसिंह शेखावत, कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो, मंजरी महाराज, अविनाश शर्मा, राजू जबड़ा, जगदीश शर्मा, पी.आर. स्वामी, संजय रायजादा, मंजू शर्मा, प्रेरणा श्रीमाली, गौरव जैन, प्रवीण मिर्जा, आलोक भट्ट, सरस बृजवासी, शान तंवर, मनीषा गुलयानी, रेखा ठाकर सहित अन्य कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। फागोत्सव के दौरान ठाकुरजी की रचना झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। 25 फरवरी को बरसाने की लट्ठमार होली की विशेष प्रस्तुति होगी।

गुलाल की भी बिक्री
गुलाबी नगरी में होली की खरीदारी करने लिए आस-पास के क्षेत्रों से भी लोग आ रहा है। हालांकि ये दुकानदार पक्के रंगों की बजाय हर्बल गुलाल को प्राथमिकता दे रहे हैं। जमवारामगढ़, शाहपुरा, बस्सी, कानोता आदि जगहों से ग्राहक परकोटा के बाजार में रंग, गुलाल की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।

प्रथम पूज्य ने खेली होली

मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर में बुधवार को फागोत्सव का आयोजन किया गया। फागोत्सव में प्रथम पूज्य भगवान गणेश ने भक्तों के साथ भक्तों ने फूल, गुलाल, गुलाल गोटे से होली खेली। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त दूर-दूर से पहुंचे। भजनों के बीच फूल व गुलाल उड़ाए गए। मंदिर में आए हर भक्त को गुलाल लगाया गया। इससे पहले भगवान गणेश को नई पोशाक व पंचरंगा साफा धारण करवाकर कुंज में विराजमान किया गया। साथ ही मंदिर में विशेष झांकी सजाई गई।