8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

5 दिन बाद मौहन सैनी के शव का अंतिम संस्कार, 10वें दिन भी हाईवे पर जाम

माली, सैनी, काछी, (कुशवाह) आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। परिजन ने पांच दिन बाद शनिवार देर रात मोहन सिंह सैनी के शव को ले लिया और रात को ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव भरतपुर के आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Navneet Sharma

•

Updated: 30 Apr 2023, 4:26 PM IST

 10वें दिन भी हाईवे पर जाम

10वें दिन भी हाईवे पर जाम

हलैना(भरतपुर). माली, सैनी, काछी, (कुशवाह) आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। परिजन ने पांच दिन बाद शनिवार देर रात मोहन सिंह सैनी के शव को ले लिया और रात को ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव भरतपुर के आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था।

यह भी पढ़ें:पायलट को लेकर रंधावा के नरम हुए तेवर, क्या हैं सियासी बदलाव के मायने...?

इससे पूर्व प्रशासन व आंदोलनकारियों के बीच पांच घंटे के दौरान दो बार वार्ता हुई, लेकिन आंदोलनकारियों ने मोहनसिंह सैनी के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। प्रशासन को डर था कि आंदोलनकारी शव को पड़ाव स्थल पर रख सकते हैं। ऐसे में प्रशासन आंदोलनकारियों से आश्वासन चाहता था कि वे शव को मोर्चरी से ले जाकर अंतिम संस्कार करेंगे, लेकिन इसको लेकर सहमति नहीं बन रही थी। देर रात मामला सुलझ गया। इधर, हाईवे स्थित गांव अरोदा में नौ दिन से आंदोलनकारियों का कब्जा बना हुआ है। इससे वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग से होकर निकलना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें: राजस्थान के इन जिलों में बरस रहे बादल, अब 72 घंटे नहीं थमेगा बारिश-ओलों का दौर

शुक्रवार देर रात Mali-Saini society व जिला कलक्टर आलोक रंजन के साथ हुई वार्ता में सहमति बनने पर मृतक मोहन सिंह सैनी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। शनिवार को मृतक के परिजन व संघर्ष समिति की कमेटी के लोग भरतपुर पहुंचे और एसपी कार्यालय में प्रशासन के साथ वार्ता की।

यह भी पढ़ें:राजस्थान सरकार का चुनाव से पहले बड़ा तोहफा, अब 20 दिनों में होंगे ये बड़े काम
बैठक के बाद समिति के सचिव बदन सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रशासन ने सिर्फ शव के अंतिम संस्कार को लेकर वार्ता करने के लिए बुलाया था, लेकिन हाईवे को खाली कराने के अलावा कोई भी बात नहीं की है। इससे अब हम परेशान हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब एक मई को ओबीसी आयोग के अध्यक्ष के साथ वार्ता की जाएगी।