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प्राणघातक हमलों में सातवें स्थान पर गंगानगर, पहले का नाम जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

एनसीआरबी के आंकड़े के अनुसार प्राणघातक हमलों में सातवें स्थान पर गंगानगर है। पहले का नाम जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान।
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Rajasthan crime

Rajasthan crime

रंजिश, जमीन-मकान विवाद, पड़ोसियों के झगड़े के अलावा लूट आदि के लिए प्राण घातक हमले के मामले आए दिन आते हैं। प्राण घातक हमलों के मामलों में श्रीगंगानगर प्रदेश में सातवें स्थान पर है। कोटा सिटी ऐसे हमलों के मामले में पहले स्थान पर है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में श्रीगंगानगर जिले में 94 जान लेवा हमले के मामले दर्ज हुए, जबकि प्रदेश में एक साल में ढाई हजार से अधिक ऐसे मामले आए। रंजिश को लेकर एक दूसरे पर जान लेवा हमला, जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़े, पड़ोसियों में विवाद को लेकर झगड़े, लूट या फिरौती के लिए जान लेवा हमले के मामले सामने आते रहते हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले रंजिश को लेकर सामने आए हैं। इसमें दो गुटों में रंजिश के चलते एक-दूसरे पर प्राण घातक हमले होते रहते हैं, जिसमें एक पक्ष या फिर दोनों पक्षों को धारदार हथियारों, फायर या लाठी- सरियों से हमला कर गंभीर चोट लग जाती है।

प्रदेश में ऐसे ढाई हजार हमले हुए

एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में प्रदेश में 2560 जान लेवा हमला करने के मामले आए। इनमें किसी भी व्यक्ति की जान जा सकती थी। ऐसे हमले आपसी विवाद व झगड़ों के दौरान हुए।

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जिला - जानलेवा हमले

कोटा सिटी - 173

उदयपुर - 158

सीकर - 132

भरतपुर - 107

भीलवाड़ा - 105

बीकानेर - 98

श्रीगंगानगर - 94

मामूली विवाद बन जाते हैं बड़े

पुलिसकर्मियों की माने तो आपस में मामूली विवाद ही बड़े बन जाते हैं। पड़ोसियों में मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। जो कई दिन तक शांत चलता रहा और फिर एक दिन दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। इसके चलते पहले एक पक्ष ने दूसरे पर हमला कर दिया। इसमें कुछ व्यक्तियों को चोटें आई। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी हमला कर दिया और दोनों पक्षों के लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच गए, जिनको गंभीर चोटें आई।

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