विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इन दोनों विश्वविद्यालय विधेयक को राज्यपाल द्वारा लौटाने की जानकारी विधानसभा में दी। देवनानी ने बताया कि दोनों विश्वविद्यालय के पारित विधेयक राज्यपाल के पासस मंजूरी के लिए गए थे। उन्होंने जोधपुर के व्यास विद्यापीठ विश्वविद्यालय और करौली के सौरभ विश्वविद्यालय की जांच कराई तो कई तरह की कमियां सामने आई हैं। इस पर राजयपाल ने विधेयकों को लौटाते हुए जिक्र किया है कि धरातल पर ये दोनों विश्वविद्यालय नहीं पाए गए हैं, जबकि सरकार की ओर से गठित जांच समितियां ने बिना तथ्यों की जांच करे ही विश्वविद्यालयों के पक्ष में रिपोर्ट दे दी जो गलत है। राज्यपाल ने दोनों विश्वविद्यालयों के विधेयकों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की भूमि और भवन को लेकर अनियमितताएं हैं। दोनों विश्वविद्यालयों की न्यायिक जांच भी कराई जाएगी। इसके अलावा समिति के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।