
बीजेपी
- प्रदेश अध्यक्ष के बिना हुई भाजपा की बैठक
जयपुर। भाजपा अपने ही नेताओं से परेशान हो गई है। विधानसभा चुनावों के लिए प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई। बैठक का आलम यह रहा कि 159 विधायकों में से 65 विधायक बैठक से गायब रहे और सांसदों ने तो गजब ही कर डाला। प्रदेश में भाजपा के 33 सांसद हैं, लेकिन आए मात्र दस ही।
भाजपा ने राजधानी में प्रदेश के 385 प्रमुख नेताओं की एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में करीब ढाई सौ नेता ही पहुंच सके। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे , पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी , संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर समेत बड़े नेता मौजूद रहे और बैठक में आए प्रमुख नेताओं से चुनावों को लेकर चर्चा की। बताया जाता है कि कुछ नेताओं को खड़े करवाकर चुनावों की तैयारियों के बारे में उनके सुझाव भी मांग गए। ज्यादातर ने यही सुझाव दिया कि नेताओं औेर कार्यकर्ताओं में समन्वय स्थापित होना जरूरी है। इसके बिना चुनाव में जाएंगे तो नुकसान होगा। पार्टी को कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना होगा। इसी तरह कुछ जिला अध्यक्षों ने बूथ समितियों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इनकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही है। इस पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। बैठक के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने मीडिया से कहा कि आगामी चुनाव का रोड मेप कैसे तैयार होना चाहिए और रोड मेप के तहत क्या क्या काम होने चाहिए। बैठक में इसको लेकर चर्चा की गई है। साथ ही कांगे्रस जो दुष्प्रचार कर रही है, उसको रोकने पर भी चर्चा की गई। सरकार ने जो काम किए हैं, उनको जनता के बीच ले जाने के लिए एक यात्रा निकालने पर भी चर्चा हुई। मंत्री समूह बनाकर यह यात्रा निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री भी इन यात्राओं में शामिल होंगी। पार्टी के अध्यक्ष नहीं होने पर उन्होंने कहा कि यहां सब कार्यकर्ता है और कार्यकर्ता के रूप में ही काम कर रहे हैं।
बड़े नेताओं ने बनाई बैठक से दूरी
इस बैठक से बड़े नेताओं ने पूरी तरह से दूरी बना कर रखी। वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद ओम प्रकाश माथुर, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान से राज्यसभा सांसद भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी बैठक में नजर नहीं आए। इसी तरह अन्य कई सांसदों ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी।
मंत्री-विधायक में नोकझोंक
बैठक शुरू होने से पहले शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी और विधायक मामन सिंह यादव में नोंक-झोंक भी हो गई। मंत्री ने कहा कि तबादलों के लिए जो पॉलिसी बनी है, उसी के आधार पर स्थानान्तरण होंगे। इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने भी मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि पॉलिसी के आधार पर ही स्थानान्तरण होने चाहिए।
Published on:
1 Jun 2018, 5:53 PM IST
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