
जयपुर। प्रदेश से हज यात्रा पर जाने वाले हज यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। कुछ दिन पहले सेन्ट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश के 5565 हज यात्रियों को 6361 रुपए जमा कराने के निर्देश दिए थे। वहीं बीते दो दिन पहले सऊदी सरकार ने हज यात्रा करने वालों को एक और तगड़ा झटका देते हुए ग्रीन और अजीजिया कैटेगिरी की रकम में इजाफा कर दिया है। ग्रीन कैटेगिरी में 7750 रुपए की बढ़ोतरी की गई है और अजीजिया कैटेगिरी में 7150 रुपए का इजाफा किया गया है। इसके साथ हज यात्रियों को चेतावनी भी दी है कि अगर 10 जुलाई तक पैसा जमा नहीं किया उनकी तो सीट कन्फर्म नहीं की जाएगी। बढ़ी हुई राशि के संदर्भ में सेन्ट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी करके राजस्थान स्टेट हज कमेटी को अवगत कराया है।
दिनों-दिन महंगी हो रही हज यात्रा
हज यात्रा पर जाने वाले हज यात्रियों को इस बार काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जहां इस बार केन्द्र सरकार ने हज पर दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म करके हज यात्रा मंहगी कर दी है। वहीं सऊदी सरकार आए दिन नए-नए फरमान जारी करके हज यात्रा का शुल्क बढ़ा रही है। बीते साल हज यात्रा 2017 में हज यात्री को सब्सिडी के 13,450 रुपए दिए गए। और ग्रीन कैटेगिरी का 2,39,300 व अजीजिया कैटेगिरी का 2,05,900 का खर्च आया था। इस साल हज यात्रा 2018 में ग्रीन कैटेगिरी की राशि 2,58,200 रुपए और अजीजिया कैटेगिरी की राशि 2,24,100 रुपए रखी गई।
हज यात्रियों पर बढ़े आर्थिक बोझ को कम करने के बारे में आज ही केन्द्रीय अल्प संख्यक मामलात मंत्री से बात की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सऊदी सरकार से हज यात्रियों का आर्थिक भार कम करने के लिए बातचीत जारी है।
- अमीन पठान, चेयरमेन, राजस्थान स्टेट हज कमेटी
हज यात्रियों आर्थिक बोझ बढऩा सेन्ट्रल हज कमेटी के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाता है। हमेशा से जब हज यात्रा के सभी खर्चे पहले ही निर्धारित हो जाते थे और बाद में हज यात्री से अन्य खर्चा नहीं लिया जाता था तो अब ऐसा क्यों किया जा रहा है। ऐसा करना हज यात्री के साथ अन्याय है।
-हाजी निजामुद्दीन,महासचिव, राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी
Published on:
30 Jun 2018, 6:25 AM IST
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