
चांद की सतह पर बिखरे कांच के बेशुमार मोतियों में है अरबों टन पानी, चीन के वैज्ञानिकों का दावा
बीजिंग. चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने चांद पर अरबों टन पानी की खोज की है। यह चांद की सतह पर बिखरे कांच के बेशुमार छोटे-छोटे मोतियों में कैद है। यह चांद पर भविष्य की इंसानी गतिविधियों के लिए बहुमूल्य संसाधन का संभावित भंडार साबित हो सकता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 2020 में चीन के रोबोटिक चेंग-5 (Chang'e-5) मिशन के दौरान धरती पर लाई गई चांद की मिट्टी की जांच से पता चला है कि कांच के इन गोलों के भीतर पानी के अणु मौजूद हैं। गोले चांद की सतह पर सौर हवा की क्रिया के माध्यम से बनते हैं। नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित शोध के सह-लेखक और प्लैनेटरी साइंटिस्ट सेन हू ने कहा, चांद पर अंतरिक्ष से लगातार बमबारी होती रहती है। छोटे-बड़े एस्टेरॉइड गिरते रहते हैं। हाई-एनर्जी फ्लैश-हीटिंग घटनाएं ग्लास बीड्स (कांच के मोती) का उत्पादन करती हैं। सेन हू के मुताबिक इन कांच के मोतियों को गर्म कर उनमें जमा पानी हासिल किया जा सकता है।
चांद से लाई गई 1.7 किलो मिट्टी
पृथ्वी पर चांद की मिट्टी के नमूने लाने वाला कैप्सूल उत्तरी चीनी क्षेत्र में उतरा था। चेंग-5 मिशन में करीब 1.7 किलो मिट्टी और कांच के 32 मोती इकट्ठा किए गए थे, जो सैकड़ों माइक्रोमीटर चौड़े थे। कांच के मोतियों में वजन के हिसाब से प्रति 10 लाख के 2,000 हिस्से तक पानी की मात्रा पाई गई।
नासा भी 2020 में कर चुकी है खोज
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा 2020 में चांद की सतह पर पानी की खोज कर चुकी है। यह वह सतह है, जहां सूरज की सीधी रोशनी पड़ती है। चीनी वैज्ञानिकों का दावा अगर सही है, तो वहां पहले के अनुमान के मुकाबले कहीं ज्यादा पानी हो सकता है। चांद के ठंडे कोनों और चट्टानों में जमा हुए पानी के भी प्रमाण मिले हैं।
Updated on:
29 Mar 2023 09:22 am
Published on:
29 Mar 2023 01:02 am
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