21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ी बहन जज, छोटी बनी अफसर: जयपुर की मुस्कान ने बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में पास की RAS परीक्षा, पिता भी हैं बड़े अधिकारी

RAS Success Story: जयपुर की मुस्कान अग्रवाल ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में पहले प्रयास में 390वीं रैंक हासिल की। बिना कोचिंग स्व-अध्ययन, मॉक टेस्ट और अनुशासन से सफलता पाई। जीएसटी अधिकारी पिता और हरियाणा में जज बहन से मार्गदर्शन मिला।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Apr 21, 2026

Jaipurs Muskan Agrawal RAS Rank

Muskan Agrawal (Patrika Photo)

Jaipurs Muskan Agrawal RAS Rank: जयपुर: राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) 2024 में जयपुर की मुस्कान अग्रवाल ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है। मुस्कान ने 390वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है।

खास बात यह रही कि मुस्कान ने बिना किसी कोचिंग के स्व-अध्ययन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने घर पर रहकर खुद नोट्स तैयार किए और ऑनलाइन सामग्री के जरिए पढ़ाई की। नियमित मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया।

परिवार का मिला साथ

मुस्कान को परिवार से भी मजबूत मार्गदर्शन मिला। उनके पिता पवन अग्रवाल जीएसटी विभाग में अधीक्षक हैं, जबकि बड़ी बहन मिताली अग्रवाल हरियाणा में जज हैं।

मुस्कान ने क्या बताया

मुस्कान का कहना है कि इंटरव्यू की तैयारी में बहन के अनुभव ने उन्हें आत्मविश्वास, धैर्य और बेहतर व्यक्तित्व विकसित करने में मदद की। सफलता के पीछे अनुशासन बड़ा कारण अपनी सफलता के पीछे वे अनुशासन को सबसे बड़ा कारण मानती हैं।

शेड्यूल बनाकर करती थीं पढ़ाई

मुस्कान रोजाना पढ़ाई का शेड्यूल बनाती थीं और उसी के अनुसार तैयारी करती थीं। उन्होंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे ध्यान भटकने से बचा।

संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों को मुस्कान का संदेश

नए अभ्यर्थियों को संदेश देते हुए मुस्कान कहती हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन निरंतरता ही सफलता की कुंजी है। प्री-परीक्षा के लिए ओएमआर शीट पर अभ्यास और मुख्य परीक्षा के लिए नियमित उत्तर लेखन को जरूरी बताया।

टाइम मैनेजमेंट और मजबूत नोट्स पर जोर

मुस्कान के मुताबिक, प्रिलिम्स का पैटर्न अब काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। जबकि मेंस परीक्षा के लिए शॉर्ट और मजबूत नोट्स बेहद जरूरी होते हैं। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट सीखा और अपनी गलतियों पर काम करते हुए लक्ष्य हासिल किया। मुस्कान ने बताया कि इंटरव्यू में केवल ज्ञान ही नहीं। बल्कि धैर्य, आत्मविश्वास और व्यवहार को भी परखा जाता है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग