
ग्राफिक्स फोटो फाइल
Jaipur News : जयपुर का सवाईमानसिंह अस्पताल के न्यूरोट्रोमा एवं ट्रोमा सेंटर ने इमरजेंसी में आने वाले गंभीर घायलों के इलाज के लिहाज से देश में लंबी छलांग लगाते हुए सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार 2025 प्राप्त किया है। संस्थान ने इमरजेंसी में आने के बाद घायल का 6 से 8 मिनट में इलाज शुरू करने का दावा किया है। जो कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तय मानकों से भी बेहतर है। संस्थान को यह सम्मान न्यूरोट्रोमा सोसायटी ऑफ इंडिया ने अपने वार्षिक सम्मेलन में प्रदान किया। सेंटर को यह उपलब्धि आपातकालीन ट्रोमा एवं न्यूरोसर्जरी देखभाल, अंगदान को बढ़ावा देने और उच्चस्तरीय अनुसंधान में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए मिली है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.दीपक माहेश्वरी ने बताया कि वर्ष 2014 में स्थापित एसएमएस का यह ट्रोमा देश का सबसे बड़ा और आधुनिक सेंटर है। वहीं न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष और मृतक अंग प्रत्यारोण एवं स्किल लैब के नोडल अधिकारी डॉ.मनीष अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक 37 मरीजों को कैडेवरिक अंगदान के लिए उपयुक्त पाया गया है। इससे राजस्थान देश के शीर्ष 5 राज्यों में अंगदान के क्षेत्र में पहुंच गया है। अब तक 70 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
300 से अधिक बेड
88 बेड विशेष न्यूरोसर्जरी के लिए
21389 मरीज भर्ती अप्रेल 2024 से मार्च 2025 तक
10,901 आपातकालीन सर्जरी
1380 दर्दनाक मस्तिष्क चोट सर्जरी।
Published on:
13 Sept 2025 01:04 pm
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