
किसानों के लिए वरदान साबित हो रही खेत तलाई योजना
जयपुर। वर्षा जल का समुचित संरक्षण कर भविष्य में उपयोग करने के लिए यंू तो सरकार की ओर से कई उपयोगी योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन पूरी तरह वर्षा पर आश्रित यहां के माधोराजपुरा क्षेत्र के किसानों के लिए कृषि विभाग की खेत तलाई (फार्म पौंड़) योजना वरदान सिद्ध हो रही है। वर्षाकाल में खेत का पानी बहकर व्यर्थ नहीं जाए तथा पानी के अभाव में बंजर हो रही भूमि को उपजाऊ बनाए रखने व किसान का आर्थिक स्तर सु²ढ़ बनाए रखने के मकसद से शुरू की गई खेत तलाई योजना से किसान न केवल समूची फसल की ङ्क्षसचाई कर रहे हैं बल्कि उम्मीद से अधिक पैदावार प्राप्त करने में भी कामयाब हो रहे हैं।
निर्धारित मापदंड़ों के मुताबिक तैयार किए गए पौंड़ से एक नहीं अपितु रबी व खरीफ दोनों ही फसलों की ङ्क्षसचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकता है।
ये है योजना...
माधोराजपुरा सहायक कृषि अधिकारी मोहनलाल माली के मुताबिक प्रधानमंत्री कृषि ङ्क्षसचाई योजनान्तर्गत किसान के नाम एक स्थान पर कम से कम 0.4 हैक्टेयर कृषि योग्य जोत भूमि होना आवश्यक है। किसान को 20 मीटर चौड़ा, 20 मीटर लम्बा व 3 मीटर गहरा पौंड़ खुदवाना पड़ता है। पौंड़ का निर्माण खेत के निचले हिस्से में जहां पूरे खेत का पानी एकत्रित हो वहां किया जाना चाहिए।
ये मिलता है अनुदान...
सहायक कृषि अधिकारी के मुताबिक करीब एक लाख तीस हजार रुपए की लागत वाले पौंड़ पर सरकार की ओर से साठ फीसदी अनुदान दिया जाता है। पूर्ण होने पर किसान को ही देखरेख करनी पड़ती है। दुर्घटना को रोकने के लिए पौंड़ के चारों ओर सुरक्षात्मक तारबंदी भी करवाई जा सकती है।
तैयार हो चुके 350 फार्म पौंड़...
विभागीय जानकारी के मुताबिक सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय के तहत माधोराजपुरा, चांदमाकला, बीची, डिड़ावता, दोसरा, डाबिच व भांकरोटा ग्राम पंचायतों में चालू वित्त वर्ष तक करीब साढ़े तीन सौ फार्म पौंड़ बनकर तैयार हो चुके हैं। सूत्रों की मानें तो जयपुर जिले में खेत तलाई निर्माण के मामले में माधोराजपुरा का नाम सबसे ऊपर है। पिछले मानसून के दौरान जहां पर्याप्त बारिश हुई थी वहां ये पौंड़ लबालब हो गए थे। इनके माध्यम से किसान भरपूर पैदावार हासिल कर रहे हैं।
Published on:
13 Feb 2022 11:58 pm
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