इन चेहरों को उतारा लगातार
कांग्रेस ने दो लोकसभा चुनावों में जिन नेताओं को लगातार माैका दिया उनमें उदयपुर से रघुवीर मीणा, नागौर से ज्योति मिर्धा, जो अब भाजपा में आ चुकी हैं, उन्हें चुनाव लड़ाया। इसी तरह अलवर से जितेन्द्र सिंह ने चुनाव लड़ा। कुछ नेता ऐसे भी थे, जिन्होंने दोनों बार अलग-अलग सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा और हार गए। इनमें टोंक-सवाई माधोपुर और दौसा से नमोनारायण मीना, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ से गोपालसिंह शेखावत को टिकट दिया। इसी तरह विधायक मुरारीलाल मीना की पत्नी सविता मीना को एक बार दौसा सीट और पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ की पत्नी मुन्नी देवी को पाली और विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालवीय की पत्नी रेशम मालवीय को बांसवाड़ा से प्रत्याशी बनाया गया था। ये भी कांग्रेस की जीत का खाता नहीं खोल सके। यहीं नहीं विधायक रहते हुए अशोक चांदना ने भीलवाड़ा सीट और कृष्णा पूनिया ने जयपुर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों ही हार गए। इनमें से कई चेहरे ऐसे भी हैं जो पूर्व में सांसद रह चुके हैं।