
Rajasthan Election 2023 Result
Rajasthan election 2023 इस बार विधानसभा चुनाव के लिए घोषणाएं करने में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल पीछे नहीं रहे, लेकिन घाटा कम करने के लिए वित्तीय प्रबंधन का उपाय किसी ने नहीं दिया है। भाजपा ने जहां 12 हजार रुपए देने का वादा कर किसानों पर पासा फेंका, वहीं कांग्रेस ने गृहलक्ष्मी योजना के माध्यम से परिवार की महिला मुखिया को 10 हजार रुपए की गारंटी देकर महिला मतदाताओं को अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। सस्ता गैस सिलेंडर देने के लिए दोनों ही दलों में प्रतिस्पर्धा दिखाई दी। कांग्रेस ने जहां एक करोड़ से अधिक परिवारों को 400 रुपए में गैस सिलेण्डर देने की गारंटी दी।
वहीं भाजपा ने उज्ज्वला के दायरे में आने वाली महिलाओं के परिवारों को 450 रुपए में गैस सिलेण्डर देने की घोषणा की है। किसान सम्मान निधि से सालाना आर्थिक भार 6827.82 करोड़ रुपए (वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत राजस्थान में 5689854 किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपए दिए जा रहे है) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के दायरे में आने वाले एक करोड़ पांच लाख परिवारों को 500 रुपए में गैस सिलेण्डर देने और महिलाओं को 10 हजार रुपए प्रति वर्ष देने की घोषणाओं के लिए राज्य पर 10,712 करोड़ रुपए से अधिक का आर्थिक भार आने का अनुमान है। वर्ष 2023-24 के बजट भाषण के अनुसार कुल बजट 2,48,896 करोड़ है। ऐसे में दोनों प्रमुख घोषणाएं पूरी करनी है, तो उसके लिए इस बजट का करीब पांच प्रतिशत हिस्सा खर्च करना होगा।
प्रदेश पर पांच लाख करोड़ रुपए का कर्ज
प्रदेश के खजाने पर करीब पांच लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है, लेकिन राजस्व बढ़ाने के लिए राजनीतिक दलों ने कोई भी मंत्र नहीं दिया है। वेतन-पेंशन और कर्ज के ब्याज का बढता भार सरकारी खजाने का घाटा बढ़ा रहा है, वहीं भाजपा ने पेटोल-डीजल पर वैट कम करने का वादा किया है। भाजपा की सरकार बनती है तो इस कमी से कर राजस्व में कमी: आना तय है. जिसकी भरपाई का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। उधर, कांग्रेस सत्ता में फिर से आती है तो ओपीएस से आने वाले वर्षों में पेंशन का भार बढ़ना तय है, जिससे भी सीधे तौर पर राज्य का घाटा बढ़ना तय है।
Published on:
30 Nov 2023, 7:23 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.