29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दूसरों की संतानों के लिए ‘संजीवनी’ बनीं प्रसूताएं, मदर मिल्क स्टोरेज के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को उपल्बध करा रहीं दूध

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Rajesh

•

Updated: 4 Aug 2018, 6:42 AM IST

 Mother Milk Storage

Mother Milk Storage

अजमेर.

हमारी नन्ही संतानों (नवजात) की रक्षा में प्रदेश के ग्यारह जिलों की प्रसूता माताएं खास भूमिका निभा रही हैं। आंचल मदर मिल्क स्टोरेज एवं डिस्ट्रीब्यूशन सेन्टर के माध्यम से जरूरतमंद नवजात को मां का दूध उपलब्ध हो रहा है। मां का दूध मिलने से कुपोषण से छुटकारे के साथ उनकी जान भी बच पा रही है।
राजकीय जनाना अस्पताल स्थित आंचल मदर मिल्क एवं डिस्ट्रीब्यूशन सेन्टर के माध्यम से मां के दूध से वंचित करीब 2220 नवजात बच्चों को अब तक 6419 यूनिट दूध उपलब्ध कराया गया है। सेन्टर में सर्वाधिक मदर मिल्क चित्तौडगढ़़ जिले से 10,100 यूनिट प्राप्त हुआ है। वहीं बाड़मेर जिले से भी 1000 यूनिट मदर मिल्क अजमेर के सेन्टर में सप्लाई किया गया है।

इन बच्चों के लिए आवश्यक
नवजात जिनकी मां से वे स्तनपान नहीं कर पा रहे, कटे होठ-तालु वाले बच्चे, जन्म देने के बाद जिनकी मां की मृत्यु हो गई, कुपोषित बच्चे जिन्हें अतिरिक्त दूध की आवश्यकता हो, कमजोर प्रसूता के बच्चों को मदर मिल्क यूनिट उपलब्ध करवाई जाती है।

किस जिले से कितना मदर मिल्क मिला

चित्तौडगढ़़ 10100, अलवर 2500, भरतपुर 500, भीलवाड़ा 1600, चूरू 3000, टोंक 1500, बूंदी 2000, उदयपुर 700, बारां 2500, धौलपुर 2000, करौली 2000, बाड़मेर 1000, ब्यावर 3000, (यूनिट में)

मां का दूध इसलिए फायदेमंद
नन्ही संतानों की रक्षा के लिए मां का दूध जरूरी है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आईक्यू लेवल बढ़ेगा, कुपोषण की संभावना खत्म हो जाएगी। सेन्टर से यहां सप्लाई आंचल मदर मिल्क एवं डिस्ट्रीब्यूशन सेन्टर से जनाना अस्पताल के आईसीयू, एनआईसीयू, जेएलएन अस्पताल स्थित एबीएनसी व आईसीयू स्थित नवजात बच्चों को उपलब्ध कराया जाता है। नर्सिंगकर्मी मनोज गुप्ता के अनुसार सेन्टर में स्टाफ की ओर से चम्मच से मदर मिल्क फीड कराया जाता है।

प्रसूता ने कहा, बच्चे को मिला फायदा
जनाना अस्पताल में भर्ती कमजोर बच्चे की मां (प्रसूता) सुनीता (परिवर्तित नाम) ने बताया कि वह बच्चे को दूध नहीं पिला पा रही हैं, लेकिन सेन्टर से मां के दूध की यूनिट (बोतल) से बच्चे को मां का दूध मिल रहा है, इससे फायदा मिल रहा है।

इनका कहना है...
मदर मिल्क स्टोरेज एवं डिस्ट्रीब्यूशन सेन्टर से अब तक 2220 नवजात को करीब 6419 बार मदर मिल्क उपलब्ध कराया गया है। करीब 11 जिलों सहित 12 जगहों से मदर मिल्क यूनिट प्राप्त हो रहा है।
डॉ. जयप्रकाश, मदर मिल्क स्टोरेज एवं डिस्ट्रीब्यूशन सेन्टर

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग