गौरतलब रहे कि दिव्यांग लाखाराम काश्तकार है। माता-पिता के निधन के बाद लाखाराम बेडा ने इकलौती बहन पुनी देवी के मायरे में किसी तरह की कमी नहीं रखी। मायरे के कार्यक्रम में मेड़ता के पूर्व प्रधान रामनिवास धौलिया, ईग्यासनी के पूर्वसरंपच देवाराम छरंग , चौलियास सरंपच जसाराम छरंग, हीराराम छरंग, हेमाराम छरंग, रामनिवास जाजड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।