
नया मोटर व्हीकल एक्ट फिर बना गले की फांस, अब केन्द्र और राज्य सरकार में शुरू हुई जंग
शादाब अहमद / नई दिल्ली. संसद ( Parliament ) के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा ( Loksabha ) और राज्यसभा ( Rajya Sabha ) में सांसदों ने राजस्थान ( Rajasthan ) से जुड़े कई मुद्दे उठाए। इनमें राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में नया मोटर व्हीकल एक्ट ( New Motor Vehicle Act ) लागू नहीं होने का लिखित सवाल पूछा गया। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ( Nitin Gadkari ) ने इसका जवाब दिया कि मंत्रालय को किसी भी राज्य से संशोधित अधिनियम लागू नहीं होने की जानकारी नहीं मिली है।
कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद ने पंजाब, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) के वर्तमान वाहन अधिनियम लागू करने से मना करने संबंधी सवाल पूछा। साथ ही भारी जुर्माने पर गुजरात सरकार की ओर से आपत्ति संबंधी जानकारी भी मांगी। जवाब में गडकरी ने कहा कि मंत्रालय को किसी भी राज्य से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसने नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के प्रावधान लागू नहीं किए हों। मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 200 के अनुसार राज्य सरकार आधिकारिक गजट में अधिसूचना से ऐसी राशि खुद तय कर सकती है। गुजरात, कर्नाटक, मणिपुर और उत्तराखंड ने ऐसे कुछ जुर्माने कम किए हैं।
उधर, राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ( Pratap Singh Khachariyawas ) ने कहा कि राजस्थान में नया कानून लागू नहीं किया गया है। केन्द्र ने बिना सोचे-समझे कानून में बदलाव किया, अब सच बताने से पीछे हट रही है। वाहन की कीमत के मुकाबले दस गुना तक जुर्माने का प्रावधान किया गया। हम राजस्थान में जुर्माना कम से कम रखेंगे। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस शासित पंजाब, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत भाजपा शासित कई राज्यों ने इसे लागू नहीं किया है। अधिकांश राज्यों ने जुर्माने के प्रावधान में संशोधन की मांग कर रखी है।
Updated on:
18 Nov 2019 09:55 pm
Published on:
18 Nov 2019 09:55 pm
